Knews Desk- उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 का आयोजन 2 से 4 जुलाई तक राज्यभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया जा रहा है। इस बार करीब 16 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। पहले दिन परीक्षा देकर बाहर निकले अधिकांश उम्मीदवारों ने प्रश्नपत्र को संतुलित और अपेक्षाकृत आसान बताया। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि इस बार का पेपर उनकी उम्मीद से कम कठिन था।
टीवी9 से बातचीत में अभ्यर्थी विवेक राय ने बताया कि परीक्षा का अनुभव अच्छा रहा और अधिकांश प्रश्न सीधे तथा स्पष्ट थे। उनके मुताबिक, कई यूट्यूब चैनलों पर जिस तरह के कठिन सवालों की तैयारी कराई जा रही थी, वैसा प्रश्नपत्र नहीं आया। उन्होंने कहा कि सवाल इतने सरल थे कि उन्होंने निर्धारित समय से लगभग 20 से 25 मिनट पहले ही पूरा पेपर हल कर लिया।
विवेक राय के अनुसार, इस बार का प्रश्नपत्र CTET के पैटर्न से मिलता-जुलता था, लेकिन कठिनाई का स्तर उससे कम रहा। लंबे और उलझाने वाले सवालों की बजाय सामान्य स्तर के प्रश्न पूछे गए। हिंदी भाषा खंड में “ईंट का जवाब पत्थर से देना” और “आकाश-पाताल एक कर देना” जैसे मुहावरों से जुड़े प्रश्न भी शामिल थे। अच्छी तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा ज्यादा चुनौतीपूर्ण नहीं रही।
उन्होंने यह भी बताया कि कुछ साल पहले पेपर लीक की घटना के बाद पुराने प्रश्नों से मिलते-जुलते सवाल देखने को मिले थे, लेकिन इस बार प्रश्नपत्र पूरी तरह नए तरीके से तैयार किया गया था। इससे परीक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता बेहतर महसूस हुई। हालांकि, परीक्षा के बाद कुछ सोशल मीडिया और यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर यह दावा भी किया गया कि कई सवालों के सही उत्तर लगातार एक ही विकल्प (जैसे B या D) में थे। इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस बार परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन, आइरिस स्कैन और फोटो वेरिफिकेशन किया गया। वहीं प्रश्नपत्रों को वन-टाइम लॉक और सील में रखा गया, जिन्हें परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले ही खोला गया।
UPTET 2026 परीक्षा ऑफलाइन OMR शीट पर आयोजित की जा रही है। इसमें कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जा रहे हैं, जिन्हें हल करने के लिए 150 मिनट का समय दिया गया है। परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 90 अंक, जबकि आरक्षित वर्ग के लिए 82 अंक न्यूनतम उत्तीर्ण अंक निर्धारित किए गए हैं। सफल अभ्यर्थियों को मिलने वाला UPTET प्रमाणपत्र आजीवन मान्य रहेगा।