KNEWS DESK- बिहार की राजनीति में इन दिनों युवाओं और रोजगार का मुद्दा तेजी से केंद्र में आ गया है। प्रशांत किशोर के 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने के ऐलान के बाद अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने भी युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का बड़ा फैसला लिया है। वहीं, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान कर दिया है। ऐसे में बिहार में रोजगार और युवा अब सियासत के सबसे अहम मुद्दों में शामिल होते दिख रहे हैं।
दरअसल, देश में हाल के छात्र आंदोलनों और युवाओं की बढ़ती सक्रियता ने राजनीतिक दलों को भी अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर किया है। दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर रांची तक युवाओं की आवाज सुनाई दी है। अब बिहार में भी अलग-अलग राजनीतिक दल युवाओं के मुद्दों को अपने-अपने तरीके से उठाते नजर आ रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने मांगा युवाओं का बायोडाटा
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव जीतने के बाद बड़ा ऐलान किया। उन्होंने क्षेत्र के 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने की कोशिश करने की बात कही है। इसके लिए उन्होंने युवाओं से अपना बायोडाटा जमा करने को कहा है।
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि यह सरकारी नौकरी नहीं होगी। उनका कहना है कि देशभर में मौजूद अपने संपर्कों और नेटवर्क के जरिए युवाओं को निजी कंपनियों में रोजगार दिलाने की कोशिश की जाएगी। इस ऐलान ने बिहार की राजनीति में रोजगार के मुद्दे को नई धार दे दी है।
सम्राट चौधरी सरकार का बड़ा फैसला
प्रशांत किशोर के ऐलान के बाद बिहार सरकार ने भी युवाओं को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘कुशल युवा कार्यक्रम’ को ‘सात निश्चय-3’ के तहत 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का फैसला लिया गया। सरकार ने इसके लिए 430.08 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस योजना के तहत युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोलर टेक्नोलॉजी, ड्रोन, नेटवर्किंग, बैंकिंग, डिजिटल मार्केटिंग, टेली और विदेशी भाषाओं जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सरकार के मुताबिक, इस पहल से हर साल 2.57 लाख से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा करीब 6,436 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। सरकार का फोकस युवाओं को बदलती तकनीक और रोजगार बाजार की जरूरतों के मुताबिक तैयार करने पर है।
तेजस्वी यादव भी सरकार के खिलाफ मैदान में
उधर, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने छात्रों और रोजगार के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि 19 अगस्त को राजभवन मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च बिहार में छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में होगा।
तेजस्वी यादव का आरोप है कि छात्रों के आंदोलन के दौरान जिस तरह पुलिस कार्रवाई हुई, वह गंभीर चिंता का विषय है। आरजेडी इस मुद्दे को बिहार से बाहर राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाने की तैयारी में है।
रोजगार बनेगा बिहार चुनाव की राजनीति का बड़ा मुद्दा?
प्रशांत किशोर का 10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाने का वादा, सरकार का बड़े पैमाने पर स्किल ट्रेनिंग कार्यक्रम और तेजस्वी यादव का आंदोलन—इन तीनों घटनाक्रमों को एक साथ देखें तो साफ है कि बिहार की राजनीति में युवा और रोजगार बड़ा मुद्दा बनते जा रहे हैं।
खास बात यह है कि जेन-जी अब सिर्फ चुनावी आंकड़ों का हिस्सा नहीं रह गई है। युवा अपने रोजगार, शिक्षा और भविष्य से जुड़े सवालों को लेकर ज्यादा मुखर हो रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा दल युवाओं के बीच अपनी विश्वसनीयता मजबूत कर पाता है। रोजगार का मुद्दा अगर इसी तरह केंद्र में रहा, तो आने वाले राजनीतिक मुकाबले में युवाओं की भूमिका बेहद निर्णायक हो सकती है।