Knews Desk – नोएडा मजदूरों के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा की डीएम मेधा रूपम को राहत दी है। अदालत ने उनकी सैलरी से 5 लाख रुपये मुआवजा देने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने छात्रा आकृति चौधरी की नेशनल सिक्योरिटी एक्ट यानी NSA के तहत हिरासत रद्द करने वाले हाई कोर्ट के फैसले के कुछ हिस्सों पर भी अंतरिम रोक लगा दी है।
दरअसल, नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन के बाद डीयू की छात्रा आकृति चौधरी के खिलाफ NSA लगाए जाने को लेकर मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचा था। हाई कोर्ट ने 2 सितंबर को आकृति चौधरी की NSA के तहत हिरासत को रद्द कर दिया था। साथ ही, अदालत ने नोएडा डीएम मेधा रूपम के खिलाफ कड़ी टिप्पणी करते हुए उनकी सैलरी से 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था।
इसके बाद मेधा रूपम और उत्तर प्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले के पैराग्राफ 27 से 33 के संचालन पर अंतरिम रोक जारी रखने का आदेश दिया। इन्हीं पैराग्राफ में डीएम के खिलाफ टिप्पणियां और मुआवजे से जुड़ा आदेश शामिल है।
आकृति चौधरी पर आरोप है कि 13 अप्रैल को नोएडा में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद उन्होंने हिंसा भड़काई थी। इस प्रदर्शन में मजदूर वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे थे। हालांकि, आकृति की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट में उनकी हिरासत के आधार पर सवाल उठाते हुए कहा कि हिंसा होने से पहले ही वह पुलिस हिरासत में थीं।
सुनवाई के दौरान मेधा रूपम के वकील ने दलील दी कि हाई कोर्ट के पास किसी आदेश को रद्द करने का अधिकार है, लेकिन किसी विशेष सरकारी अधिकारी को चुनकर उसकी आलोचना नहीं की जा सकती। वहीं, आकृति चौधरी के वकील ने उनकी हिरासत को चुनौती देते हुए अपने पक्ष में दलीलें रखीं।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। संबंधित पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। अदालत ने कहा कि 2 सितंबर, 2026 के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के पैराग्राफ 27 से 33 पर अंतरिम रोक अगली सुनवाई तक जारी रहेगी।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।