सुप्रीम कोर्ट ने TMC के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता पर देरी को बताया चिंता का विषय, 6 हफ्ते बाद फिर होगी सुनवाई

Knews Desk – सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची तथा वी मोहना की पीठ ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की याचिका पर सुनवाई की। इस याचिका में अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द फैसला लेने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कहा कि कुछ महीनों की देरी भी चिंता का विषय हो सकती है, क्योंकि अयोग्यता कार्यवाही के संभावित परिणाम दूसरे मामलों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।

पीठ ने कहा, ‘आपकी याचिका में बताया गया है कि तीन महीने बीत चुके हैं। आपने इसे पूरा क्यों नहीं किया, जबकि इसमें कुछ ही समय लगना चाहिए और इसका असर दूसरे मामलों के साथ-साथ देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है?’

अभिषेक बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 5 अगस्त को संबंधित सांसदों को नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए 14 दिन का समय दिया था। सांसदों के अतिरिक्त समय मांगने पर यह समयसीमा 22 सितंबर तक बढ़ाई गई थी। अब आगे भी समय बढ़ाने की मांग की जा रही है।

वहीं, लोकसभा अध्यक्ष की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत द्वारा न्यायिक समयसीमा तय किए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सांसदों को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए और स्पीकर से अपेक्षा की जाती है कि उन्हें पता हो कि मामले में क्या किया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले को लंबित रखा है, ताकि कार्यवाही की प्रगति पर नजर रखी जा सके। अदालत ने बागी सांसदों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी।