Knews Desk- रूस ने एक बार फिर यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। यह हाल के महीनों के सबसे बड़े संयुक्त हवाई हमलों में से एक माना जा रहा है। हमले के दौरान राजधानी के कई इलाकों में लगातार धमाके सुनाई दिए, कई रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और आग लगने की घटनाएं सामने आईं। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक कई लोग घायल हुए हैं, जबकि कुछ लोगों की मौत की भी पुष्टि हुई है। हमले के बाद राहत और बचाव दल पूरी रात मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे रहे।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हमले से पहले ही चेतावनी दी थी कि रूस बड़े पैमाने पर मिसाइल हमला कर सकता है। इसी वजह से उन्होंने अपनी विदेश यात्रा बीच में ही रोक दी और तुरंत देश लौटने का फैसला किया। हमले के दौरान पूरे कीव में एयर रेड सायरन बजते रहे और हजारों लोगों ने मेट्रो स्टेशनों तथा बंकरों में शरण ली। अधिकारियों का कहना है कि रूस ने बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ बड़ी संख्या में ड्रोन भी दागे, जिससे यूक्रेन की एयर डिफेंस प्रणाली पर काफी दबाव पड़ा। इस हमले का असर पड़ोसी देश पोलैंड पर भी देखने को मिला। यूक्रेन से लगती सीमा के कारण पोलैंड ने अपनी वायुसेना और एयर डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा। पोलिश सेना ने कहा कि यदि कोई मिसाइल या ड्रोन उसकी सीमा के करीब आता है तो तत्काल जवाबी सुरक्षा कदम उठाए जाएंगे। रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण नाटो देशों में भी चिंता बढ़ गई है और सीमावर्ती इलाकों में निगरानी तेज कर दी गई है।
रूस का यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन लगातार रूसी सैन्य ठिकानों, तेल रिफाइनरियों और अन्य रणनीतिक ठिकानों पर ड्रोन हमले कर रहा है। हाल ही में यूक्रेन ने रूस के उफा और पेंजा क्षेत्र में स्थित अहम ठिकानों को निशाना बनाया था। रूस का कहना है कि वह इन हमलों का जवाब दे रहा है, जबकि यूक्रेन का आरोप है कि रूस जानबूझकर नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है। दोनों देशों के बीच हमलों का यह सिलसिला लगातार तेज होता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात इस युद्ध को और लंबा खींच सकते हैं। यूक्रेन लगातार अपने सहयोगी देशों से आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल इंटरसेप्टर की मांग कर रहा है ताकि ऐसे हमलों से नागरिकों की सुरक्षा की जा सके। दूसरी ओर रूस अपने सैन्य अभियान को जारी रखने के संकेत दे चुका है। लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों ने यूक्रेन के आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, जबकि पूरे यूरोप में इस संघर्ष के और फैलने की आशंका बनी हुई है।