Knews Desk– जापान में आयोजित 20वें एशियन गेम्स में बरानिका एलंगोवन ने भारतीय ट्रैक एंड फील्ड के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। महिला पोल वॉल्ट इवेंट में उन्होंने 4.15 मीटर की ऊंचाई पार की और ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। बरानिका के साथ पोलीना इवानोवा ने भी 4.15 मीटर की छलांग लगाई। हालांकि, दोनों खिलाड़ी 4.25 मीटर की ऊंचाई पार नहीं कर सकीं। इसके बाद दोनों को संयुक्त रूप से ब्रॉन्ज मेडल दिया गया।
बरानिका तमिलनाडु के मयिलादुथुरै के पास स्थित कुथलम गांव की रहने वाली हैं। वह एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता एलंगोवन किसान हैं। बरानिका ने अपनी स्कूली शिक्षा पालयगुडलूर से पूरी की और इसके बाद एथलेटिक्स में अपना सफर शुरू किया। शुरुआत में वह स्प्रिंट और लॉन्ग जंप जैसी स्पर्धाओं में हिस्सा लेती थीं।चेन्नई के एथिराज कॉलेज में ग्रेजुएशन के दौरान उनके करियर ने नया मोड़ लिया। पुधुमै पेन फाउंडेशन उस समय पोल वॉल्ट के लिए प्रतिभाओं की तलाश कर रहा था। इसी दौरान बरानिका का चयन हुआ। कोच मिलबर बर्ट्रेंड रसेल की देखरेख में उन्होंने पोल वॉल्ट की तकनीक और बारीकियां सीखनी शुरू कीं। इसके बाद उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया।एमओपी वैष्णव कॉलेज से मास्टर्स करने के बाद दिसंबर 2022 में वह ओडिशा रिलायंस फाउंडेशन एथलेटिक्स हाई परफॉरमेंस सेंटर से जुड़ीं। कोच मार्टिन ओवेन्स की सलाह के बाद यहां उनके खेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी मिली।
बरानिका के करियर में उतार-चढ़ाव भी रहे हैं। 2018 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी स्तर पर उन्होंने 3.80 मीटर का मीट रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद 2023 में इंडियन ग्रां प्री 4 में 4.10 मीटर की छलांग लगाकर उन्होंने इंटरनेशनल मानक हासिल किया। हालांकि, भुवनेश्वर इंटर-स्टेट मीट में 3.80 मीटर पर रुक जाने के कारण वह हांगझोउ एशियन गेम्स की टीम में जगह नहीं बना सकीं।2026 में उन्होंने शानदार वापसी की। मार्च में भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल इंडोर चैंपियनशिप में उन्होंने 4.22 मीटर की छलांग लगाकर अपना पहला इंडोर नेशनल खिताब जीता और रोजी मीना पॉलराज का नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा। इसके बाद मई में कलिंगा स्टेडियम में उन्होंने अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए 4.23 मीटर की छलांग लगाई।चेन्नई में इंडियन ओपन और रांची में 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स में भी उन्होंने 4.10 मीटर की छलांग के साथ दो गोल्ड मेडल जीते। अब एशियन गेम्स में 4.15 मीटर की छलांग के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीतकर बरानिका ने भारतीय पोल वॉल्ट में नया इतिहास रच दिया है। उनका यह प्रदर्शन लंबे संघर्ष, मेहनत और लगातार सुधार का परिणाम है।