उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड की सियासत में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद अब एक नया राजनीतिक मोड़ ले चुका है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या द्वारा सोशल मीडिया पर अपनी परेशानी जाहिर करते हुए कथित ऑडियो में अपने पति से ही जान का खतरा बताते हुए जैसे गंभीर आरोप लगाए जिसको लेकर शुरू हुई बयानबाजी अब 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति के आरोपों तक पहुंच गई है।अब इस मामले ने प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। दरअसल, बीते रोज कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी परेशानी जाहिर की थी। इसके बाद उनके पति गिरधारी लाल साहू ने भी वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। साहू ने रेखा आर्या की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए उन पर उनके ही विभाग से घोटाले के साथ 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति होने का दावा किया है। उन्होंने अपने ऊपर लगे विवादित ऑडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से तैयार किया गया बताते हुए खुद को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया है। साहू ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है,साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग के कामकाज, बच्चों के पोषण आहार और राशन व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के आरोप भी उठाए हैं। हालांकि, 210 करोड़ रुपये की कथित संपत्ति और ऑडियो की वास्तविकता को लेकर किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। लेकिन इस बीच विपक्ष को भी सरकार को घेरने का बड़ा मौका मिल गया है। 210 करोड़ की कथित अवैध सम्पत्ति को लेकर विपक्ष ने कई सवाल खड़े करने का काम किया है। जिसके चलते आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला भी तेज़ नज़र आ रहा है।
उत्तराखंड की सियासत में इन दिनों बना कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या व उनके पति के बीच का विवाद सियासी गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ हैं। लेकिन अब तक जहाँ रेखा आर्या द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो व कथित ऑडियो जारी कर यह मामला सुर्खियों में बना, वही अब रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा जवाबदेही में जारी किये गये वीडिओ के बीच रेखा आर्या के विभाग में ही घोटाला करने के साथ 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति के आरोप ने भाजपा सरकार पर घोटालो को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए है। साहू ने रेखा आर्या पर 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति होने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने विवादित ऑडियो को एआई से तैयार किए जाने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन वहीं, विपक्ष ने भी सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने अब कथित 210 करोड़ की अवैध संपत्ति का हिसाब मांगा है। कांग्रेस का आरोप है कि कैबिनेट मंत्री ने अपने कार्यकाल में कई करोड़ो का गबन किया हैं, साथ ही साहू द्वारा मुख्यमंत्री तक यह बात पहुचानें के बाद भी कोई कार्यवाही ना होने के विषय पर कैबिनेट मंत्री सहित सत्ताधारी सरकार पर सवाल खड़े किये हैं। वही सत्ता पक्ष अपनी प्रतिकिर्या देता नज़र आ रहा है, इस बीच आपसी बयानबाज़ी तेज़ हो गई है।
कुल मिलाकर, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू के बीच शुरू हुआ विवाद अब केवल पारिवारिक विषय तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें कथित 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति, विवादित ऑडियो और विभागीय कामकाज से जुड़े सवाल भी शामिल हो गए हैं। एक तरफ गिरधारी लाल साहू ने गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है,तो दूसरी तरफ इस पूरे मामले में उठ रहे सवालों ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 210 करोड़ रुपये की कथित संपत्ति को लेकर किए गए दावों में कितनी सच्चाई है और विवादित ऑडियो की वास्तविकता क्या है। ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी और क्या जांच के जरिए सभी आरोपों की सच्चाई सामने आ पाएगी। फिलहाल, इन सवालों के जवाब जांच और संबंधित पक्षों के तथ्यों पर निर्भर करेंगे। तब तक आरोपों और दावों के बीच सच्चाई सामने आने का इंतजार रहेगा जिसपर सबकी नज़रे टिकी हुई है।