UPITS में दिखा ‘ब्रांड योगी’ का विजन, निवेश से रोजगार तक बदली यूपी की तस्वीर, बोले डॉ. पवन जायसवाल

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) को नए उत्तर प्रदेश की आर्थिक क्षमता और विकास की दिशा का वैश्विक मंच बताते हुए वरिष्ठ कर एवं वित्त सलाहकार डॉ. पवन जायसवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों और प्रशासनिक मॉडल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि UPITS के जरिए उत्तर प्रदेश में बीते वर्षों में हुए विकास, निवेश और औद्योगिक विस्तार की तस्वीर दुनिया के सामने दिखाई दे रही है।

Knews Desk– डॉ. पवन जायसवाल, जो जीएसटी एडवाइजरी बोर्ड और सीएजी स्टेट ऑडिट एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य भी हैं, ने कहा कि उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला केवल व्यापार और कारोबार का आयोजन नहीं है, बल्कि यह राज्य में हुए बदलाव का एक मंच है। उनके मुताबिक, ‘ब्रांड योगी’ को केवल राजनीतिक कड़ाई या भाषणों तक सीमित नहीं किया जा सकता। यह सुशासन, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्थानीय कला और उत्पादों को बढ़ावा देने तथा वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते आर्थिक मॉडल को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि करीब एक दशक पहले तक उत्तर प्रदेश को प्रशासनिक सुस्ती, कानून-व्यवस्था की चुनौतियों और औद्योगिक पिछड़ेपन से जोड़कर देखा जाता था। अब राज्य वैश्विक निवेशकों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए एक प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में सामने आया है। डॉ. जायसवाल के अनुसार, इस बदलाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशासनिक इच्छाशक्ति, कारोबारी नीतियों और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के बीच संतुलन की अहम भूमिका रही है।

डॉ. पवन जायसवाल ने कहा कि यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने वैश्विक आर्थिक जगत को यह संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश सिर्फ एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र है। वहीं, UPITS ने राज्य के औद्योगिक और व्यापारिक परिदृश्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने रखने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि इन आयोजनों की सफलता के पीछे मजबूत कानून-व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग समर्थक नीतियां और ‘निवेश मित्र’ तथा ‘निवेश सारथी’ जैसे पारदर्शी सिंगल विंडो सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका है। UPITS में जापान, सिंगापुर, वियतनाम, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस जैसे देशों की भागीदारी को उन्होंने उत्तर प्रदेश की बढ़ती वैश्विक कारोबारी स्वीकार्यता से जोड़कर देखा।

डॉ. जायसवाल ने कहा कि किसी भी निवेश या अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोजन की वास्तविक सफलता का आकलन इस बात से होना चाहिए कि उसका फायदा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक कितना पहुंचता है। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास मॉडल में समावेशी और सतत विकास को प्राथमिकता दी गई है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और इंटरनेशनल ट्रेड शो के जरिए आने वाला निवेश केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वांचल, बुंदेलखंड और मध्य यूपी के ग्रामीण एवं पिछड़े इलाकों तक भी इसका प्रभाव पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट–वन प्रोडक्ट’ यानी ओडीओपी योजना ने स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भदोही के कालीन, फिरोजाबाद के कांच, वाराणसी की सिल्क और मुरादाबाद के पीतल जैसे उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के माध्यम से विदेशी खरीदारों तक पहुंच आसान हुई है। वहीं, नई औद्योगिक इकाइयों, फूड प्रोसेसिंग पार्कों और डेटा सेंटरों में होने वाले निवेश से युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।

डॉ. पवन जायसवाल ने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों और कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से किसानों को भी लाभ मिल रहा है। दूसरी ओर, बड़ी वैश्विक कंपनियों के आने से स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को सहायक उद्योगों के तौर पर काम के नए अवसर मिल रहे हैं। उनके अनुसार, किसी शहर में होने वाला एक एमओयू आगे चलकर गांव के बुनकर, बढ़ई, कुशल-अकुशल श्रमिक और छोटे कारोबारियों के लिए आय और रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है।

उन्होंने कहा कि आम धारणा रही है कि कॉरपोरेट निवेश और औद्योगिकीकरण पर अधिक ध्यान देने से जनकल्याण पीछे छूट सकता है, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मॉडल में आर्थिक विकास और जनकल्याण को साथ लेकर चलने की कोशिश दिखाई देती है। एक ओर निवेश आकर्षित करने के लिए नीतियां तैयार की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर गरीबों को राशन, आवास, आयुष्मान भारत का सुरक्षा कवच और उज्ज्वला योजना जैसी सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

डॉ. जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विकास विजन केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने पर भी जोर दिया गया है। अयोध्या, काशी और मथुरा के सांस्कृतिक पुनरुद्धार से पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर स्थानीय स्ट्रीट वेंडरों से लेकर होटल और पर्यटन से जुड़े कारोबार तक दिखाई देता है।

उन्होंने कहा कि नीतियों में निरंतरता, पारदर्शी प्रशासन और समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने की कोशिशों ने उत्तर प्रदेश को निवेशकों के लिए एक विश्वसनीय कारोबारी गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। उनके मुताबिक, UPITS और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट केवल निवेश के आंकड़ों तक सीमित आयोजन नहीं हैं, बल्कि ये उत्तर प्रदेश की बदलती आर्थिक और औद्योगिक तस्वीर को दुनिया के सामने रखने वाले मंच हैं।

डॉ. पवन जायसवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ वैश्विक निवेश मानचित्र पर भी अपनी जगह बना रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सुशासन, निवेश, औद्योगिक विकास और जनकल्याण को साथ लेकर आगे बढ़ने का मॉडल तैयार हुआ है, जिसकी चर्चा भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है।

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