Knews Desk- भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। अपनी बेहतरीन तकनीक, शांत नेतृत्व और विदेशी परिस्थितियों में यादगार प्रदर्शन के लिए मशहूर रहाणे ने करीब 12 वर्षों तक भारतीय टीम की सेवा की। इस दौरान उन्होंने तीनों फॉर्मेट मिलाकर 8,000 से अधिक रन बनाए और कई ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई।
रहाणे के करियर का सबसे यादगार अध्याय 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी रहा, जब उन्होंने नियमित कप्तान की गैरमौजूदगी में टीम इंडिया की कमान संभाली। चोटों से जूझ रही भारतीय टीम को उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में 2-1 से ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जिताई। मेलबर्न टेस्ट में खेली गई उनकी शतकीय पारी आज भी भारतीय क्रिकेट के सुनहरे पलों में गिनी जाती है।
38 वर्षीय रहाणे ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए लिखा कि अब उनके लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से आगे बढ़ने का समय आ गया है। उन्होंने अपने क्रिकेट सफर में साथ देने वाले परिवार, साथियों, कोच, प्रशंसकों और भारतीय क्रिकेट बोर्ड का आभार व्यक्त किया।
2023 के बाद नहीं मिला मौका
रहाणे ने भारत के लिए आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज दौरे पर खेला था। इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिली, हालांकि वे घरेलू क्रिकेट में लगातार सक्रिय रहे और मुंबई टीम की कप्तानी भी करते रहे।
अपने विदाई संदेश में रहाणे काफी भावुक नजर आए। उन्होंने डोम्बिवली से प्रैक्टिस के लिए रोजाना सफर करने वाले एक युवा खिलाड़ी से लेकर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने तक के सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि देश की जर्सी पहनना हमेशा उनका सबसे बड़ा सपना रहा और उन्होंने हर मुकाबले में टीम को खुद से ऊपर रखा।
रहाणे ने कहा, “हर सफर की एक शुरुआत और एक अंत होता है। मुझे लगता है कि अब आगे बढ़ने का सही समय है। मैंने हमेशा ईमानदारी और पूरी निष्ठा के साथ क्रिकेट खेला है। गलतियां जरूर हुईं, लेकिन अपने इरादों से कभी समझौता नहीं किया।”
अजिंक्य रहाणे का इंटरनेशनल रिकॉर्ड
रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले।
- टेस्ट: 85 मैच, 5,077 रन, औसत 38.46, 12 शतक और 26 अर्धशतक, सर्वश्रेष्ठ स्कोर 188।
- वनडे: 90 मैच, 2,962 रन, औसत 35.26, 3 शतक और 24 अर्धशतक, सर्वश्रेष्ठ स्कोर 111।
- टी20 इंटरनेशनल: 20 मैच, 375 रन, एक अर्धशतक और सर्वश्रेष्ठ स्कोर 61।
बल्लेबाजी के अलावा रहाणे स्लिप में अपनी शानदार फील्डिंग के लिए भी जाने गए। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 102, वनडे में 48 और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 16 कैच लेकर भारतीय टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अजिंक्य रहाणे का करियर केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने अपने संयम, नेतृत्व क्षमता और टीम के प्रति समर्पण से भारतीय क्रिकेट में एक अलग पहचान बनाई। उनके संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट के एक भरोसेमंद बल्लेबाज और सफल कप्तान के अंतरराष्ट्रीय सफर का अध्याय समाप्त हो गया।