Knews Desk- इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। अब रामलीला मैदान में मॉक संसद आयोजित कर उनके खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग लाने का प्रस्ताव सामने आया है। राहुल गांधी ने इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति जताई है, हालांकि सभी विपक्षी दलों की सहमति अभी नहीं बनी है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष अपनी रणनीति में बदलाव पर विचार कर रहा है। प्रस्ताव के तहत रामलीला मैदान में प्रतीकात्मक संसद आयोजित कर सीईसी को हटाने का प्रस्ताव लाने की योजना है। इस विचार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और वामपंथी नेताओं की ओर से आगे बढ़ाया गया है।
राहुल गांधी ने सुझाव दिया है कि जिस राज्य में जो पार्टी मजबूत है, वह वहां इस मुद्दे पर नेतृत्व करे और अन्य सहयोगी दल उसका समर्थन करें। राहुल गांधी का आरोप है कि देश में वोट चोरी हुई है और लोगों के मतदान के अधिकार को छीना गया है।
इससे पहले राहुल गांधी ने दिल्ली स्थित अपने सुनहरी बाग आवास पर इंडिया गठबंधन के नेताओं, सिविल सोसाइटी समूहों और छात्र संगठनों के सदस्यों के साथ चाय पार्टी की। इस दौरान विरोध प्रदर्शनों की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।
राहुल गांधी ने कहा कि गठबंधन के सभी दल लोकतंत्र बहाल करने के एक ही उद्देश्य से साथ खड़े हैं। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के फैसले को चुनौती देने की बात भी कही। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने के लिए आखिरी दम तक लड़ाई जारी रहेगी। अब देखना होगा कि मॉक संसद के प्रस्ताव पर इंडिया गठबंधन के सभी दल एकमत हो पाते हैं या नहीं।