Knews Desk- भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की संदिग्ध मौत के मामले में CBI जांच की मांग वाली याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि मृतका का शव उपलब्ध नहीं होने के कारण अब घटना के तरीके और मौत के कारण की दोबारा जांच नहीं की जा सकती है।
अभिनेत्री की मां मधु दुबे ने बेटी की मौत को आत्महत्या के बजाय हत्या बताते हुए मामले की CBI जांच या दोबारा जांच कराने की मांग की थी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद याची पक्ष के अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। जस्टिस राजीव मिश्रा और जस्टिस डॉ. अजय कुमार द्वितीय की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। सुनवाई में बताया गया कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 306 के तहत 3 जून 2023 को आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। वहीं, याची पक्ष ने फॉरेंसिक साक्ष्यों का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने दावा किया कि मृतका के निजी अंग से जुड़े साक्ष्यों का चिकित्सकीय और फॉरेंसिक परीक्षण में आरोपी से मिलान हुआ था। इस पर अदालत ने पूछा कि क्या पोस्टमार्टम रिपोर्ट को चुनौती देते हुए दोबारा चिकित्सकीय परीक्षण के लिए कोई आपत्ति दाखिल की गई थी। याची पक्ष ने स्वीकार किया कि ऐसी कोई आपत्ति दाखिल नहीं की गई थी।
अदालत ने कहा कि आरोपपत्र दाखिल होने और उसके खिलाफ आपत्ति याचिका नहीं होने की स्थिति में मामले को हत्या बताने का तर्क निराधार है। गौरतलब है कि आकांक्षा दुबे का शव 26 मार्च 2023 को वाराणसी के सारनाथ इलाके के एक होटल के कमरे में मिला था। इस मामले में 27 मार्च 2023 को सारनाथ थाने में FIR दर्ज की गई थी। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब याची पक्ष सुप्रीम कोर्ट में फैसले को चुनौती देने की तैयारी में है।