Knews Desk– 30 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित गैंगस्टर गुरविंदर सिंह उर्फ आफरीदी को इथियोपिया से भारत डिपोर्ट कर दिया गया है। पंजाब पुलिस ने करीब 10 महीने तक चले ‘ऑपरेशन शहीद’ के तहत केंद्रीय एजेंसियों और अपनी ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल (OFTEC) के सहयोग से यह कार्रवाई की। दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर पंजाब पुलिस ने गुरविंदर सिंह को हिरासत में ले लिया।
पंजाब पुलिस के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस का दावा है कि यह पहली बार है जब पंजाब पुलिस ने किसी अफ्रीकी देश से किसी वांछित अपराधी को डिपोर्ट करवाया है। गुरविंदर सिंह के खिलाफ 30 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें पांच हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, गुरविंदर सिंह 31 मार्च 2025 को फर्जी पासपोर्ट के आधार पर मुंबई एयरपोर्ट से UAE भाग गया था। यह पासपोर्ट गोरखपुर के एक व्यक्ति की कथित फर्जी पहचान के आधार पर तैयार कराया गया था और 12 फरवरी 2025 को लखनऊ से जारी हुआ था। इसके बाद वह UAE से केन्या, फिर अंगोला और आखिर में इथियोपिया पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, उसने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदले।
पंजाब पुलिस ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था और इंटरपोल के सात रेफरेंस भी जारी हुए थे। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की लगातार निगरानी के बाद 6 नवंबर 2026 को इथियोपिया में उसे हिरासत में लिया गया और इसके बाद भारत डिपोर्ट किया गया।
पुलिस के मुताबिक, गुरविंदर सिंह पांच चर्चित हत्याकांडों में भी आरोपी है। इनमें अक्टूबर 2024 में AAP सरपंच राजविंदर सिंह उर्फ राज तलवंडी की हत्या, मार्च 2025 में 12 वर्षीय गुरसेवक सिंह की हत्या, विक्की चुघ की हत्या, मई 2025 में जसवंत सिंह की हत्या और सितंबर 2025 में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गुरमेल सिंह की हत्या के मामले शामिल हैं। पंजाब पुलिस अब उससे उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य मामलों को लेकर पूछताछ कर रही है।