अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निषाद समाज के लोगों के साथ दिवाली मनाई। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम और निषाद समाज के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं को सुरक्षित रखने का संकल्प दोहराया। CM योगी ने कहा कि अयोध्या पर किसी मंथरा या मारीच की कुदृष्टि नहीं पड़नी चाहिए और अयोध्या के वैभव को लूटने या उसे फिर से बदनाम करने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देना है।
Knews Desk- CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या धाम पर किसी की भी बुरी नजर न पड़े, यह सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलेंगी और न ही जय श्रीराम का उद्घोष करने पर कोई लाठी-डंडे चला सकेगा। उन्होंने कहा कि पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा पर भी अब कोई प्रतिबंध नहीं लगा पाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे सभी लोगों के सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने निषाद समाज के साथ दिवाली मनाने के दौरान भगवान राम और निषाद समाज के रिश्ते का भी उल्लेख किया। रामायण में भगवान राम के वनवास के दौरान निषादराज गुह और केवट का प्रसंग मिलता है। केवट ने भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण को नदी पार कराई थी। इस प्रसंग को भक्ति, समर्पण और सामाजिक समानता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
इससे पहले CM योगी ने श्रीरामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने दिवाली को सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना और भगवान श्रीराम के आदर्शों का भव्य उत्सव बताया। उन्होंने धर्म, सत्य और आध्यात्मिक विरासत के शाश्वत मूल्यों का उल्लेख करते हुए देश की प्रगति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।