KNEWS DESK- देश में बढ़ती महंगाई को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बताते हुए सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे और ईंधन की बढ़ी कीमतों को जोड़ते हुए तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री विदेश यात्रा पर निकल गए और देशवासियों को महंगे पेट्रोल-डीजल का “तोहफा” देकर गए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अभी चुनाव जारी होते तो शायद कीमतें नहीं बढ़तीं।
टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले जनता से वोट लिए जाते हैं और फिर महंगाई की मार दी जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब पश्चिम बंगाल सरकार पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करेगी, क्योंकि अब राज्य में केंद्र समर्थित सरकार होने के कारण फंड रोकने का डर नहीं रहेगा।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने रुपये की गिरती कीमत और बढ़ती ईंधन दरों को लेकर सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि रुपया, पेट्रोल और डीजल में आखिर सबसे पहले “सेंचुरी” कौन लगाएगा। मुंबई की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि वहां की “ट्रिपल इंजन सरकार” ने तो पहले ही शतक पूरा कर लिया है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर जनता को आगे बढ़ना है तो “साइकिल ही विकल्प” है। उनके इस बयान को आगामी चुनावी राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
इसी बीच आम लोगों को एक और झटका लगा है। देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। पेट्रोल-डीजल और दूध के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर दबाव और बढ़ गया है। लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर आम जनता में चिंता का माहौल देखा जा रहा है।