150 किलो वजन, ताने और संघर्ष… जैकी भगनानी ने खोले बचपन के दर्दनाक राज

KNEWS DESK – बॉलीवुड अभिनेता और निर्माता जैकी भगनानी ने हाल ही में अपने जीवन के उस मुश्किल दौर का खुलासा किया, जब वह बचपन में बॉडी शेमिंग का शिकार हुए थे। एक समय ऐसा था जब उनका वजन करीब 150 किलो था और इसी वजह से उन्हें लोगों के ताने और मजाक सहने पड़ते थे। अब उन्होंने खुलकर बताया है कि कैसे उन अनुभवों ने उनके आत्मविश्वास को प्रभावित किया और कैसे उन्होंने खुद को पूरी तरह बदलने का फैसला किया।

जैकी भगनानी अपनी पत्नी और अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह के साथ हाल ही में नेहा धूपिया और अंगद बेदी के चैट शो ‘डबल डेट’ में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपने बचपन और वजन को लेकर झेली गई परेशानियों के बारे में खुलकर बात की।

जैकी ने बताया कि बचपन में उनका वजन इतना ज्यादा था कि लोग अक्सर उनका मजाक उड़ाते थे। उन्होंने एक पुराना किस्सा याद करते हुए कहा कि जब अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’ रिलीज हुई थी, तब WWF रेसलर योकोजुना को लेकर काफी चर्चा थी। उसी दौरान एक व्यक्ति ने उनके पिता से मजाक करते हुए कहा था कि बाहर से योकोजुना को बुलाने की क्या जरूरत है, आपके घर में तो पहले से एक मौजूद है। यह टिप्पणी सीधे तौर पर जैकी के लिए की गई थी।

अभिनेता ने कहा कि उस समय उन्होंने भले ही हंसकर बात टाल दी हो, लेकिन ऐसी बातें अंदर तक असर छोड़ जाती हैं। उन्होंने बताया कि बचपन और किशोरावस्था में जब व्यक्ति खुद को समझने की कोशिश कर रहा होता है, तब इस तरह की टिप्पणियां आत्मविश्वास को गहरा नुकसान पहुंचाती हैं।

जैकी के मुताबिक, अगर कोई बच्चा मोटा हो, दुबला हो या उसके रंग-रूप को लेकर लोग टिप्पणी करें, तो वह लंबे समय तक उसके मन पर असर डालता है। कई बार ऐसा भी होता था कि अगर आसपास लोग हंस रहे हों तो उन्हें लगता था कि शायद उनका ही मजाक बनाया जा रहा है।

उन्होंने अपने पिता और मशहूर फिल्म निर्माता वाशु भगनानी से जुड़ा एक भावुक किस्सा भी साझा किया। जैकी ने बताया कि जब उन्होंने पिता से कहा कि वह अभिनेता बनना चाहते हैं, तब उन्हें जवाब मिला कि इस हालत में उन्हें लॉन्च नहीं किया जा सकता। उस समय यह बात उन्हें बहुत बुरी लगी थी, लेकिन बाद में उन्हें समझ आया कि पिता उन्हें निराश नहीं कर रहे थे, बल्कि बेहतर और स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित कर रहे थे।

इसके बाद जैकी भगनानी ने खुद को बदलने का संकल्प लिया। उन्होंने सख्त डाइट, नियमित व्यायाम और अनुशासित जीवनशैली अपनाई। लंबे समय तक लगातार मेहनत करने के बाद उन्होंने अपना वजन काफी कम किया और खुद को पूरी तरह ट्रांसफॉर्म कर लिया।

आज जैकी भगनानी न सिर्फ फिटनेस को लेकर प्रेरणा माने जाते हैं, बल्कि उनका यह सफर उन लोगों के लिए भी मिसाल है जो कभी अपने वजन या शारीरिक बनावट को लेकर असुरक्षित महसूस करते हैं। उनका मानना है कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।

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