Knews Desk- सावन के महीने में जारी कांवड़ यात्रा के बीच उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग शहरों से मारपीट, पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। मेरठ में पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट का आरोप लगा है, जबकि लखनऊ में बच्चों को लेकर जा रही स्कूल वैन पर पथराव किया गया। गाजियाबाद में हंगामे के चलते एक एंबुलेंस करीब 50 मिनट तक जाम में फंसी रही। वहीं रुड़की में कार से टक्कर के बाद वाहन में तोड़फोड़ की गई।
इन घटनाओं से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। पुलिस अलग-अलग मामलों की जांच कर रही है और वीडियो तथा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद कानून-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पुलिस के मुताबिक, हरिद्वार से जल लेकर लौट रहे कांवड़ियों के बीच पहले आपस में टक्कर हुई थी। इसी दौरान एक बाइक सवार पर टक्कर मारने का आरोप लगाया गया।
मामले की जानकारी मिलने पर दो पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में सरकारी जीप से मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति पर टक्कर मारने का आरोप था, वह वहां से चला गया। इसके बाद कुछ लोगों का गुस्सा पुलिसकर्मियों पर फूट पड़ा।
आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों को सरकारी जीप से बाहर निकालकर उनके साथ मारपीट की गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो के जरिए घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
लखनऊ में बच्चों से भरी स्कूल वैन पर पथराव
राजधानी लखनऊ में भी कांवड़ यात्रा के दौरान हंगामे की खबर सामने आई। चरक चौराहे के पास बच्चों को लेकर जा रही एक स्कूल वैन पर कुछ लोगों ने कथित तौर पर पथराव कर दिया।
पथराव से वैन के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। अचानक हुई इस घटना से वैन में मौजूद बच्चे डर गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कई बच्चे घबराकर रोने लगे।
कुछ देर तक इलाके में हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में पुलिस और स्थानीय लोगों के पहुंचने पर हालात सामान्य हुए। पुलिस घटना में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
गाजियाबाद में हंगामा, 50 मिनट तक जाम में फंसी एंबुलेंस

गाजियाबाद में दिल्ली-मेरठ मार्ग पर रेलवे रोड के सामने एक एंबुलेंस की कांवड़ियों की ट्रॉली से टक्कर हो गई। बताया गया कि टक्कर के कारण कांवड़ को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया।
आरोप है कि नाराज कांवड़ियों ने एंबुलेंस चालक के साथ मारपीट की और सड़क पर हंगामा किया। इसके कारण दिल्ली-मेरठ मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
करीब 50 मिनट तक लगे जाम में मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस भी फंस गई। सड़क पर करीब एक किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगने की बात सामने आई है। उत्तराखंड के रुड़की में भी कांवड़ियों और एक कार के बीच टक्कर के बाद विवाद की स्थिति बन गई। हरिद्वार से लौट रहे कांवड़ियों की कांवड़ कथित रूप से कार की टक्कर से क्षतिग्रस्त हो गई।
इसके बाद गुस्साए कुछ लोगों ने कार में तोड़फोड़ शुरू कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के अनुसार, जिस कार से टक्कर हुई थी उसमें भी कांवड़िए ही सवार थे। मामले की जांच की जा रही है।
वायरल वीडियो और CCTV से पहचान में जुटी पुलिस
मेरठ, लखनऊ, गाजियाबाद और रुड़की की इन घटनाओं से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इनमें सड़क पर हंगामा, मारपीट और वाहनों को नुकसान पहुंचाते लोग दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर घटनाओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में कानून हाथ में लेने वाले लोगों की पहचान होने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कांवड़ यात्रा के दौरान अलग-अलग शहरों से लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। धार्मिक यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु सड़कों पर निकलते हैं, ऐसे में प्रशासन के सामने यातायात व्यवस्था बनाए रखने के साथ किसी भी विवाद को हिंसक होने से रोकने की बड़ी चुनौती रहती है।
किसी दुर्घटना या विवाद की स्थिति में कानून को हाथ में लेकर मारपीट, पथराव या तोड़फोड़ करना गंभीर मामला है। खास तौर पर पुलिसकर्मियों, स्कूली बच्चों और मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस से जुड़ी घटनाओं के बाद सवाल उठ रहा है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई कब और कितनी तेजी से होगी।