नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसाइटी में 3 साल के भीतर 4 लोगों की मौत के बाद हाईराइज सुरक्षा और शॉर्ट-टर्म रेंटल व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
KNEWS DESK- शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 की सुबह गुरुग्राम निवासी 35 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन ने सुपरनोवा के स्पायरा टावर की 43वीं मंजिल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। उन्हें बालकनी की रेलिंग के बाहर लटका देखकर पास में काम कर रहे एसी टेक्नीशियनों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन वे उन्हें अंदर नहीं खींच सके।
पुलिस की शुरुआती जांच में कर्ज, तलाक और बच्चे की बीमारी से जुड़े मानसिक तनाव की बात सामने आई है। संभव पर करीब 3 करोड़ रुपये का कर्ज होने की चर्चा है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। परिवार के अनुसार, उनकी शादी 2024 में हुई थी और बाद में तलाक हो गया। उनके एक साल के बच्चे के इलाज पर करीब 35 लाख रुपये खर्च हो चुके थे। संभव ने घटना से एक दिन पहले सुपरनोवा में शॉर्ट-टर्म रेंटल पर कमरा लिया था।
सुपरनोवा में ऐसी यह पहली घटना नहीं है। जनवरी 2023 में 43 वर्षीय रोहित कुमार की 43वीं मंजिल से गिरकर मौत हुई थी। जून 2023 में 24 वर्षीय आईटी इंजीनियर अर्जुन की होटल की 32वीं मंजिल से गिरकर मौत हुई। अगस्त 2025 में 23 वर्षीय रवि की 33वीं मंजिल से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई।
लगातार घटनाओं के बाद शॉर्ट-टर्म रेंटल, Airbnb, पीजी और हॉस्टल व्यवस्था के साथ-साथ बालकनी रेलिंग, सेफ्टी नेट और ऊंची मंजिलों तक अनजान लोगों की पहुंच पर सवाल उठ रहे हैं। सोसाइटी में नई टेनेंसी पॉलिसी के तहत पुलिस वेरिफिकेशन और रेंटल गतिविधियों पर सख्ती की जा रही है।