KNEWS DESK – हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिए बुधवार का दिन दुखद खबर लेकर आया। मशहूर फिल्म निर्माता, वितरक और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहे निहलानी ने मुंबई स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि उनके करीबी सहयोगी शशि शेखर ने की है।
जानकारी के मुताबिक, पहलाज निहलानी की तबीयत पिछले काफी समय से खराब चल रही थी। उन्हें इलाज के लिए मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिन पहले स्वास्थ्य में कोई विशेष सुधार न होने के कारण उन्हें अस्पताल से घर लाया गया था, जहां उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई।
पहलाज निहलानी का अंतिम संस्कार 4 जून को मुंबई के सांताक्रूज हिंदू श्मशान घाट में किया जाएगा। उनके परिवार, दोस्तों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
फिल्म निर्माता के रूप में पहलाज निहलानी का करियर बेहद सफल रहा। 1980 और 1990 के दशक में उन्होंने कई ऐसी फिल्मों का निर्माण किया, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की। ‘इल्जाम’, ‘आग ही आग’, ‘शोला और शबनम’ और ‘आंखें’ जैसी फिल्मों ने उन्हें इंडस्ट्री के सफल निर्माताओं की सूची में शामिल कर दिया था। खासकर 1993 में रिलीज हुई ‘आंखें’ उस दौर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में गिनी जाती है।
गोविंदा के फिल्मी करियर को नई पहचान देने में भी पहलाज निहलानी का अहम योगदान माना जाता है। बतौर लीड हीरो गोविंदा की पहली बड़ी हिट फिल्म ‘इल्जाम’ थी, जिसे निहलानी ने ही प्रोड्यूस किया था। इस फिल्म ने गोविंदा को स्टार बना दिया था।
हालांकि, पहलाज निहलानी सिर्फ फिल्मों के लिए ही नहीं, बल्कि सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के लिए भी चर्चा में रहे। जनवरी 2015 से अगस्त 2017 तक CBFC की कमान संभालने वाले निहलानी कई विवादों के केंद्र में रहे। फिल्मों में कट लगाने और कंटेंट को लेकर उनके सख्त रवैये ने उन्हें अक्सर सुर्खियों में रखा। ‘उड़ता पंजाब’, ‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का’ और हॉलीवुड फिल्म ‘स्पेक्टर’ को लेकर उनके फैसलों ने राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी थी।
फिल्म और टीवी निर्माताओं के हितों के लिए भी उन्होंने लंबे समय तक काम किया। वह करीब 30 वर्षों तक एसोसिएशन ऑफ मोशन पिक्चर एंड टीवी प्रोग्राम प्रोड्यूसर्स के अध्यक्ष रहे और इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाते रहे।
कुछ वर्ष पहले भी उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। बताया जाता है कि क्रोनिक फूड पॉइजनिंग के कारण उन्हें खून की उल्टियां हुई थीं, जिसके बाद कई दिनों तक आईसीयू में उनका इलाज चला था। बाद में उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि उस कठिन समय में अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा उनसे मिलने पहुंचे थे।
पहलाज निहलानी का निधन हिंदी सिनेमा के एक ऐसे दौर का अंत माना जा रहा है, जिसने व्यावसायिक फिल्मों को नई दिशा दी और कई कलाकारों को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फिल्म जगत उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा।