Knews Desk- सोशल मीडिया पर E20 यानी 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि E20 पेट्रोल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के तहत तैयार किया जाता है और उत्पादन से लेकर पेट्रोल पंप तक इसकी लगातार निगरानी की जाती है। मंत्रालय के मुताबिक, ईंधन में किसी भी तरह की मिलावट को रोकने के लिए देशभर में नियमित जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, E20 पेट्रोल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पूरी सप्लाई चेन में कई स्तरों पर जांच की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले पेट्रोल में पानी या किसी अन्य तरह की अशुद्धि मौजूद न हो।
मंत्रालय ने बताया कि देश में 87 हजार से अधिक पेट्रोल पंप हैं, जहां प्रतिदिन कई बार ईंधन में पानी की मौजूदगी की जांच की जाती है। एक पेट्रोल पंप पर दिनभर में करीब 8 से 12 बार इस तरह की जांच किए जाने की बात कही गई है।
2 हजार से ज्यादा फ्यूल सैंपल की हुई जांच
सरकार ने हाल के दिनों में पेट्रोल की गुणवत्ता जांचने के लिए बड़े स्तर पर सैंपल भी जुटाए हैं। मंत्रालय के मुताबिक, 2 हजार से अधिक ईंधन के नमूनों की जांच की गई है। इन सैंपल्स में क्लोराइड और सल्फाइड जैसी अशुद्धियों की मौजूदगी का पता लगाने के लिए परीक्षण किए गए।
सरकार का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में किए गए परीक्षणों के दौरान देशभर में केवल दो मामलों में क्लोराइड से जुड़ी गड़बड़ी सामने आई है।
जिन दो मामलों में गड़बड़ी पाई गई, वहां तत्काल कार्रवाई की गई। संबंधित पेट्रोल पंपों पर ईंधन की बिक्री रोक दी गई और मामले में आगे की जांच तथा आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। किसी भी पेट्रोल पंप पर मिलावट या नियमों की अनदेखी सामने आने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
E20 को लेकर उपभोक्ताओं को क्या कहा?
मंत्रालय ने E20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर लोगों से अनावश्यक चिंता नहीं करने की अपील की है। सरकार के मुताबिक, रिफाइनरी और डिपो से लेकर पेट्रोल पंप तक ईंधन की गुणवत्ता पर नजर रखने की व्यवस्था मौजूद है।
सरकार का कहना है कि नियमित जांच और निगरानी के कारण गड़बड़ी के मामलों की पहचान समय रहते की जा रही है। हजारों नमूनों की जांच के बावजूद केवल दो मामलों में समस्या सामने आना इसी निगरानी व्यवस्था का नतीजा बताया गया है।
वाहन मालिकों के लिए क्या मायने?
सरकार की यह सफाई ऐसे समय आई है जब सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल की गुणवत्ता और संभावित मिलावट को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। मंत्रालय के बयान से उन वाहन मालिकों की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की गई है, जो E20 पेट्रोल के इस्तेमाल और उसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि ईंधन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जांच जारी रहेगी और जहां भी नियमों का उल्लंघन या मिलावट पाई जाएगी, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी।