प्रेमानंद महाराज के आश्रम से सागर का युवक लापता, 12 सितंबर से नहीं मिला साकेत का सुराग

मध्य प्रदेश के सागर जिले के जलंधर गांव निवासी साकेत नामदेव 12 सितंबर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। वह 1 सितंबर को संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन और सत्संग के लिए वृंदावन पहुंचा था। परिजनों ने पुलिस पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए खुद ही मथुरा-वृंदावन में गुमशुदगी के पोस्टर लगाए हैं।

Knews Desk– मथुरा-वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से एक श्रद्धालु के लापता होने का मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश के सागर जिले में जरुआखेड़ा के पास स्थित जलंधर गांव का रहने वाला साकेत नामदेव 12 सितंबर से लापता है। परिजनों के मुताबिक, काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है।

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, साकेत नामदेव संत प्रेमानंद महाराज में गहरी आस्था रखता है। वह 1 सितंबर 2026 को दर्शन और सत्संग के लिए वृंदावन गया था। 12 सितंबर तक वह अपने परिवार के संपर्क में था और फोन पर नियमित बातचीत भी कर रहा था। इसके बाद उसका मोबाइल बंद आने लगा और परिजनों से उसका संपर्क पूरी तरह टूट गया।

साकेत के कई दिनों तक वापस नहीं लौटने और कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार के लोग मध्य प्रदेश से मथुरा-वृंदावन पहुंचे। उन्होंने आश्रम सहित आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

साकेत के पिता रामगोपाल नामदेव और चाची संध्या नामदेव का आरोप है कि वृंदावन की स्थानीय पुलिस ने उनकी शिकायत पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। उनका कहना है कि युवक को खोजने के लिए पुलिस की ओर से कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया।

पुलिस और प्रशासन से मदद नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने खुद साकेत की तस्वीर वाले गुमशुदगी के पोस्टर छपवाए। इसके बाद उन्होंने मथुरा-वृंदावन के अलग-अलग इलाकों में पोस्टर चिपकाकर लोगों से साकेत के बारे में जानकारी देने की अपील की और वापस गांव लौट गए।

साकेत के लापता होने के बाद परिवार उसकी सकुशल वापसी को लेकर चिंतित है। परिजन अब मध्य प्रदेश सरकार और उच्च अधिकारियों से मदद की गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना है कि जल्द से जल्द साकेत का पता लगाकर उसे सुरक्षित परिवार के पास वापस लाया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *