KNEWS DESK- दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में हुए भीषण अग्निकांड के 26 घंटे बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अस्पताल पहुंचीं। यहां उन्होंने भर्ती घायलों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 11 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
सीएम रेखा गुप्ता ने अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों से बातचीत की और निर्देश दिए कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए लिखा कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार और अस्पताल प्रशासन मिलकर उठाएंगे, ताकि किसी भी मरीज को इलाज में कोई परेशानी न हो।
सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का भी ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
इस बीच, हादसे की जांच भी तेज कर दी गई है। होटल मालिक लवकेश बजाज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में उसने कई अहम खुलासे किए हैं। आरोपी ने दावा किया कि वह होटल के रोजमर्रा के संचालन में सीधे शामिल नहीं था और सारा कामकाज किसी अन्य व्यक्ति को सौंप रखा था। उसने यह भी स्वीकार किया कि होटल में फायर NOC नहीं ली गई थी और नियमों की अनदेखी की गई थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि होटल में केवल 6 कमरों की अनुमति थी, लेकिन वहां 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। बेसमेंट में बने रेस्टोरेंट से आग तेजी से ऊपर की मंजिलों तक फैल गई, जिससे स्थिति और भयावह हो गई।
घटना के बाद रेस्क्यू टीमों ने करीब 40 लोगों को बचाया, जबकि स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की। हालांकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।
फिलहाल दिल्ली पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हुए हैं और फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार ने इस मामले में सख्त कार्रवाई और दोषियों को सजा दिलाने का भरोसा दिया है।