Knews Desk- केंद्र सरकार ने साल 2027 में होने वाली जनगणना को लेकर शुक्रवार को महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी कर दी है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी प्रश्नावली में कुल 40 सवाल शामिल किए गए हैं। इस बार जनगणना के दौरान लोगों से सामाजिक, पारिवारिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति से जुड़ी कई अहम जानकारियां जुटाई जाएंगी। खास बात यह है कि प्रश्नावली में जाति और धर्म के साथ-साथ कोविड-19 वैक्सीनेशन और बैंक खातों से संबंधित सवाल भी शामिल किए गए हैं।
जनगणना में सबसे पहले व्यक्ति की बुनियादी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से उसका रिश्ता, लिंग, जन्म की तारीख और उम्र जैसी जानकारियां शामिल होंगी। इसके अलावा व्यक्ति की वर्तमान वैवाहिक स्थिति, शादी के समय उसकी उम्र और जीवनसाथी का नाम भी पूछा जाएगा।
राष्ट्रीयता और धर्म से जुड़े सवाल भी प्रश्नावली का हिस्सा हैं। साथ ही व्यक्ति के पिता और माता की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। जनगणना के दौरान दिव्यांगता से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी, ताकि देश की आबादी से जुड़े आंकड़ों को अधिक व्यापक तरीके से तैयार किया जा सके।
भाषा और शिक्षा की भी जानकारी
नई प्रश्नावली में भाषा और शिक्षा को भी खास महत्व दिया गया है। व्यक्ति की मातृभाषा के साथ-साथ उसे आने वाली अन्य भाषाओं के बारे में जानकारी मांगी जाएगी। इसके अलावा यह भी दर्ज किया जाएगा कि व्यक्ति साक्षर है या नहीं और उसकी डिजिटल साक्षरता की स्थिति क्या है।
व्यक्ति किसी शिक्षण संस्थान में पढ़ रहा है या नहीं, इसकी जानकारी भी ली जाएगी। इसके साथ ही उसने अब तक सबसे अधिक किस स्तर तक शिक्षा हासिल की है और उसकी स्ट्रीम या मुख्य विषय क्या रहा है, यह भी पूछा जाएगा।
जनगणना में लोगों की रोजगार स्थिति का भी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। प्रश्नावली में पूछा जाएगा कि व्यक्ति ने पिछले एक साल के दौरान कभी कोई काम किया है या नहीं। इससे देश में काम करने वाली आबादी और रोजगार से जुड़े आंकड़ों को समझने में मदद मिलेगी।
कोविड वैक्सीन और बैंक खाते की जानकारी
इस बार जनगणना में कोविड-19 वैक्सीनेशन से जुड़ा सवाल भी शामिल किया गया है। लोगों से पूछा जाएगा कि उन्होंने कोविड-19 का टीका कहां लगवाया था। इसके अलावा व्यक्ति के पास कुल कितने बैंक खाते हैं, इससे जुड़ी जानकारी भी प्रश्नावली में मांगी गई है।
इस तरह 2027 की जनगणना सिर्फ आबादी की गिनती तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें देश के लोगों की सामाजिक, पारिवारिक, शैक्षणिक, भाषाई और आर्थिक स्थिति से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं का डेटा जुटाया जाएगा। कुल 40 सवालों के जरिए सरकार देश की आबादी की मौजूदा स्थिति का विस्तृत आंकड़ा तैयार करेगी।