अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को पद से हटाए जाने के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी ने उनके तबादले की टाइमिंग पर सवाल खड़े करते हुए पूछा है कि क्या आतंकी मॉड्यूल को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद यह कार्रवाई की गई है।
Knews Desk- पंजाब सरकार ने अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को उनके पद से हटा दिया है। गृह विभाग की ओर से 7 अगस्त को जारी आदेश के मुताबिक, DIG बॉर्डर रेंज हरमनबीर सिंह को अमृतसर पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं, भुल्लर को अगले आदेश तक DGP कार्यालय में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। उनकी नई पोस्टिंग को लेकर बाद में आदेश जारी किया जाएगा।
भुल्लर का तबादला ऐसे समय में हुआ है, जब अमृतसर पुलिस ने पाकिस्तान समर्थित बताए जा रहे एक कथित आतंकी मॉड्यूल का खुलासा करते हुए नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में चार नाबालिग भी बताए गए हैं। इस कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद पुलिस कमिश्नर को पद से हटाए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जंतर-मंतर को लेकर क्या कहा था पुलिस कमिश्नर ने
अमृतसर पुलिस ने 4 अगस्त को एक ब्रीफिंग में कथित आतंकी मॉड्यूल को लेकर कई अहम दावे किए थे। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के मुताबिक, जांच में सामने आया था कि कुछ आरोपी विदेश में बैठे ISI हैंडलर्स के संपर्क में थे और उन्हें सुरक्षा से जुड़े ठिकानों की निगरानी का काम सौंपा गया था।
पुलिस का दावा था कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ ने दिल्ली के जंतर-मंतर का दौरा किया था। आरोप है कि वहां उन्होंने रेकी की और विरोध स्थल पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को पेट्रोल बम से निशाना बनाने की योजना बनाई थी। पुलिस ने इस मामले में तीन पिस्तौल, नौ जिंदा कारतूस और चार पेट्रोल बम बरामद किए जाने की भी जानकारी दी थी।
पंजाब सरकार ने बयान पर दी सफाई
पुलिस कमिश्नर के बयान के बाद जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद पंजाब सरकार ने स्पष्टीकरण जारी किया।
सरकार ने कहा कि पुलिस कमिश्नर ने यह नहीं कहा था कि गिरफ्तार आरोपी जंतर-मंतर के मौजूदा प्रदर्शन में शामिल थे। सरकार के मुताबिक, उनके बयान को चुनिंदा तरीके से एडिट किए जाने के कारण यह गलत धारणा बनी कि प्रदर्शनकारियों और कथित आतंकी मॉड्यूल के बीच कोई संबंध था।
BJP ने ट्रांसफर की टाइमिंग पर घेरा
अब पुलिस कमिश्नर के तबादले को लेकर बीजेपी ने पंजाब सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सवाल उठाया है कि क्या भुल्लर की ओर से आतंकी मॉड्यूल और जंतर-मंतर से जुड़े दावे सामने रखने के बाद उनका तबादला किया गया।
बीजेपी ने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि आखिर ऐसी कार्रवाई का फैसला उस वक्त क्यों लिया गया, जब अमृतसर पुलिस ने कथित पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी।
फिलहाल सरकार की ओर से भुल्लर को हटाए जाने के पीछे कोई अलग कारण सार्वजनिक तौर पर नहीं बताया गया है। ऐसे में उनके तबादले की टाइमिंग को लेकर पंजाब की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है।