राजनीति में चर्चा,अग्निवीर अग्नि परीक्षा ! 

उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, देश की सैन्य भर्ती व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाली अग्निवीर योजना को लागू हुए 4 साल से ज्यादा हो गए हैं. इस योजना के तहत युवाओं को सेना, नौसेना और वायुसेना में 4 साल के लिए सेवा का मौका मिल रहा है. चयनित अग्नि वीरों को इस दौरान सैन्य प्रशिक्षण के साथ निर्धारित वेतन और अन्य सुविधाएं भी दी जा रही हैं. सरकार इसे युवाओं के लिए सैन्य प्रशिक्षण और रोजगार का नया अवसर बता रही है,दरअसल अग्निवीर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाने की दिशा में केन्द्र और राज्य की सरकारो ने बड़ा कदम उठाया है।वही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर जहां बीजेपी देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर रही है, वहीं उत्तराखंड कांग्रेस ने अग्निपथ योजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। देहरादून स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ शामिल दिग्गज नेताओं ने योजना को लेकर सरकार को घेरने का काम किया हैं। गणेश गोदियाल ने भाजपा पर हल्ला बोलते हुए कहा प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीप जलाने के कार्यक्रम के बजाय अगर अग्निवीरों के भविष्य को लेकर ठोस पहल की जाती, तो युवाओं और देशवासियों को ज्यादा खुशी होती। अग्निपथ योजना का उत्तराखंड के युवाओं पर खासा असर पड़ा है, क्योंकि प्रदेश में बड़ी संख्या में परिवार सैन्य सेवा से जुड़े हैं।अग्नि वीर योजना से जुड़े सैनिक को सैनिक का दर्जा नहीं मिलता है ना ही उन्हें पेंशन मिलती है और वह अपने आप में ही हीन भावना का शिकार हो रहे हैं।ऐसे में भाजपा सेना और देश की सुरक्षा के साथ सैनिकों के परिवार के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है.

देवभूमि उत्तराखंड में जैसे-जैसे समय बीतता हुआ 2027 की ओर जा रहा है. वैसे ही सरकार के सामने बड़ी चुनौतियां भी मुँह बाये खड़ी हुई है. हालही में धामी कैबिनेट ने अग्नि वीर योजना के पहले बैच में आ रहे जवानों के लिए अग्नि वीर डेडिकेट सेल का प्रस्ताव पास कर दिया है. जिसमें सरकार का दावा है, की कोई भी जवान बेरोजगार नहीं रहेगा वही विपक्ष ने अग्निवीर योजना को लेकर एक बार चुनाव से पहले भाजपा सरकार पर निशाना साधा है.प्रधानमंत्री के जन्मदिन के मौके पर तंज कस्ते हुए अग्निवीर योजना को सैनिक के लिए ठीक नहीं बताते हुए कांग्रेस की सरकार आने पर योजना को समाप्त करने की बात की है.वही भाजपा ने भी कांग्रेस को झूठ की राजनीति करने का आरोप लगते हुए हल्ला बोला है.ऐसे में अन्य दल भी अब सरकार की अग्निवीर योजना को निरस्त करने की मांग कर रहे है जिस पर प्रदेश की राजनीति एक बार बेहद गर्म हो चुकी है। 

अग्निवीर योजना को लेकर राजनीति में एक बार फिर विपक्ष ने गंभीर सवाल खड़े जरूर कर दिए है आरोप ये भी की देवभूमि और वीर भूमि के नाम से जाने जाने वाले उत्तराखंड के युवाओं के मन में देश सेवा का जज्बा रहता है, लेकिन केंद्र सरकार की इस अल्पकालिक योजना ने उनके स्थायी भविष्य और सपनों को चकनाचूर किया है. कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता पार्टी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी.कांग्रेस नेताओं ने ये भी आरोप लगाए कि 4 साल की इस योजना ने सेना की युद्ध क्षमता और मनोबल को भी कमजोर किया है. कांग्रेस ने अग्निपथ योजना को देश के लिए घातक बताया है.अग्नि वीरों को रेगुलर किया जाने की मांग भी की.कुल मिला कर अब देखना होगा कि आने वाले समय में सरकार इस योजना में और क्या बदलाव करती है.और विपक्ष अपने विरोध को कितना धार दे पाता है.लेकिन फिलहाल अग्निवीर को लेकर सियासी मंचो पर आपसी बहस और समाज दोनों में मंथन जारी है।      

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