Knews Desk– MBBS Admission 2026 की प्रक्रिया के बीच दिव्यांग कोटे के तहत दाखिला लेने वाले उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच को लेकर अहम अपडेट सामने आया है। मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (MMCH), डाल्टनगंज में दिव्यांग कोटे के उम्मीदवारों की ओर से जमा किए जाने वाले येलो UDID कार्ड का वेरिफिकेशन किया जाएगा। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य फर्जी या गलत दिव्यांगता दावों को रोकना और आरक्षण का लाभ सिर्फ पात्र उम्मीदवारों तक पहुंचाना है।
मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के दौरान उम्मीदवारों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के साथ-साथ आरक्षण से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाती है। दिव्यांग कोटे के उम्मीदवारों के लिए UDID यानी Unique Disability ID कार्ड महत्वपूर्ण दस्तावेजों में शामिल है। इसी को देखते हुए MMCH प्रशासन ने येलो UDID कार्ड जमा करने वाले उम्मीदवारों के प्रमाणपत्रों की गहन जांच करने का फैसला किया है।
UDID कार्ड दिव्यांग व्यक्तियों की पहचान और उनकी दिव्यांगता से जुड़ी जानकारी का आधिकारिक दस्तावेज होता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिव्यांगता की गंभीरता के आधार पर UDID कार्ड अलग-अलग रंगों में जारी किए जाते हैं। येलो कार्ड 40 से 79 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोगों से जुड़ा बताया गया है, जबकि अन्य श्रेणियों के लिए अलग रंग के कार्ड होते हैं। MBBS में दिव्यांग कोटे का लाभ लेने के लिए उम्मीदवार को निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करना जरूरी होता है।कॉलेज प्रशासन के अनुसार, एडमिशन के दौरान जमा किए जाने वाले येलो UDID कार्ड की जांच की जाएगी। इसके अलावा उम्मीदवारों के निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों का भी वेरिफिकेशन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया का मकसद एडमिशन सिस्टम में पारदर्शिता बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षण का फायदा सही उम्मीदवार को ही मिले।
श्रवण बाधिता यानी Hearing Impairment के आधार पर दिव्यांग कोटे का दावा करने वाले उम्मीदवारों पर भी विशेष नजर रखी जा सकती है। जरूरत पड़ने पर ऐसे उम्मीदवारों की ऑडियोमेट्री टेस्ट के जरिए जांच की जा सकती है। ऑडियोमेट्री एक मेडिकल टेस्ट है, जिसके जरिए सुनने की क्षमता का आकलन किया जाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भी एक उम्मीदवार ने श्रवण बाधिता के आधार पर दिव्यांग कोटे में MBBS एडमिशन का दावा किया था। जब उसे ऑडियोमेट्री टेस्ट की जानकारी दी गई, तो उसने आगे की प्रवेश प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। इसी तरह के मामलों को देखते हुए कॉलेज प्रशासन दस्तावेजों के साथ जरूरत पड़ने पर मेडिकल जांच को भी महत्वपूर्ण मान रहा है।UDID व्यवस्था में दृष्टिबाधिता, श्रवण बाधिता, चलने-फिरने से जुड़ी दिव्यांगता और बोलने-भाषा से संबंधित दिव्यांगताओं सहित कई श्रेणियां शामिल हैं। ऐसे में MBBS Admission 2026 में दिव्यांग कोटे का लाभ लेने वाले उम्मीदवारों को अपने सभी दस्तावेज सही और वैध रखने की जरूरत है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि जांच प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र उम्मीदवारों को उनका अधिकार दिलाना और गलत दावों पर रोक लगाना है।