KNEWS DESK- लखनऊ के गोमतीनगर में हुए डबल मर्डर और सुसाइड केस की जांच में नया मोड़ सामने आया है। बैंक अधिकारी मानस वाजपेयी द्वारा अपनी पत्नी दिव्या और बीमार बहन तूलिका की हत्या करने के बाद खुदकुशी के मामले में पुलिस अब एक स्थानीय वकील की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियों को शक है कि मानस तक अवैध हथियार पहुंचाने में इस वकील की भूमिका हो सकती है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मानस का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। ऐसे में कम समय में उसके पास दो पिस्टल और एक तमंचा यानी कुल तीन अवैध हथियार पहुंचना जांच का अहम बिंदु बन गया है। पुलिस को आशंका है कि संदिग्ध वकील ने मानस की हथियार सप्लायर से संपर्क कराने में मदद की होगी। फिलहाल पुलिस मानस और वकील के बीच हुई बातचीत के रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इसके लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। पुलिस जल्द ही वकील को पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी में है। हालांकि, उसकी भूमिका अभी जांच के दायरे में है और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
वारदात से दो दिन पहले की थी रेकी
जांच में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, मानस ने अपनी पत्नी दिव्या की हत्या से करीब दो दिन पहले ही उस बैंक शाखा के आसपास रेकी की थी, जहां दिव्या काम करती थीं। इससे पुलिस को आशंका है कि वारदात अचानक नहीं हुई, बल्कि मानस ने पहले से इसकी तैयारी कर रखी थी। दिव्या करीब 10 महीने से अपने मायके में रह रही थीं और उन्होंने मानस से तलाक के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। 18 अगस्त को अदालत में दिव्या के साथ रहने से इनकार के बाद मानस कथित तौर पर मानसिक तनाव में था।
पुलिस के मुताबिक, गुरुवार को मानस ने पहले बैंक के बाहर पत्नी दिव्या पर गोली चलाई। इसके बाद वह हुसड़िया स्थित अपने घर पहुंचा, जहां उसने अपनी बीमार बहन तूलिका की हत्या कर दी। इसके बाद मानस ने खुद को भी गोली मारकर जान दे दी। अब पुलिस की जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि मानस ने अवैध हथियार कहां से हासिल किए, संदिग्ध वकील की इसमें क्या भूमिका थी और वारदात से पहले उसने किन लोगों से संपर्क किया था।