चली चुनावी बयार, तैयारी जोरदार !

उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों में अभी कई महीनों का समय बाकी है, लेकिन प्रदेश में सियासी सरगर्मियां अभी से तेज हो गई है और सभी राजनीतिक दल अपनी अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। विपक्षी दल, खासकर कांग्रेस सरकार की नाकामियों को जनता के बीच ले जाने की रणनीति पर काम कर रही है, तो वहीं भारतीय जनता पार्टी इन दिनों और अधिक एक्टिव मोड में नजर आ रही है। दरअसल, भाजपा आगामी चुनावों से पहले बूथ स्तर तक संगठनात्मक मजबूती पर विशेष फोकस कर रही है। इस क्रम में शीर्ष नेताओं के लगातार प्रदेश दौरे और बैठकों का दौर जारी है। हालही में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दूसरे प्रदेश दौरे, संगठन को मिले नए प्रदेश प्रभारी, सह-प्रभारी, संगठन मंत्री और बीते दिनों कोर कमेटी की बैठक के बाद अब वर्तमान में ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यकर्ताओं को मिशन 2027 के लिए जीत का मंत्र देने उत्तराखंड पहुंचे हैं। इसके साथ ही प्रदेश प्रभारी राम माधव, सह प्रभारी अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज का दो दिवसीय प्रवास आज से तय है। अपने इस दौरे के दौरान सभी शीर्ष नेता कार्यकर्ताओं  की बैठक लेकर मिशन 2027 में जीत का मूलमंत्र देने का काम करेंगे। वहीं अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संभावित दौरा भी चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री केदारनाथ में विशेष पूजा अर्चना के साथ टिहरी में एक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। दूसरी ओर कांग्रेस भी पीछे हटने को तैयार नहीं है,अगले कुछ महीनों में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी का दौरा प्रस्तावित माना जा रहा है। कुल मिलाकर, राष्ट्रीय दलों ने प्रदेश की सियासत में जीत दर्ज करने के लिए जी जान लगानी शुरु कर दी है। इन सबके चलते आपसी बयानबाजी भी चरम पर देखी जा रही हैं।

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव में अभी वक्त है, लेकिन सियासी पारा अभी से चढ़ गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही मिशन 2027 की तैयारी में जुट गए हैं और नेताओं के दौरे तेज हो गए हैं। लेकिन भाजपा इन दिनों ज्यादा एक्टिव मोड में है। पार्टी बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर फोकस कर रही है। इसी कड़ी में शीर्ष नेतृत्व का लगातार दौरा चल रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दौरे के बाद नए प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्ति हुई है। वर्तमान में ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य और महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष देहरादून में हैं और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दे रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश प्रभारी राम माधव, सह प्रभारी अरविंद मेनन और स्वराज का दो दिवसीय प्रवास भी प्रस्तावित है, जिसमें सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों की संयुक्त बैठक होगी। वहीं अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा भी संभावित है। दूसरी तरफ कांग्रेस भी मैदान में है। सरकार की नाकामियां जनता तक पहुंचाने के साथ ही राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के दौरे की भी तैयारी है, जिससे साफ है कि उत्तराखंड में 2027 से पहले ही सियासी बिसात बिछ चुकी है। इसी बीच राजनीतिक दलों के दावे व आपसी तंज का सिलसिला भी देखने को मिल रहा है।

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि उत्तराखंड में भले ही विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं, लेकिन सियासी जमीन अभी से तैयार की जा रही है। भाजपा संगठन को बूथ स्तर तक धार देने में जुटी है, तो कांग्रेस सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। एक तरफ ओबीसी मोर्चा, महिला मोर्चा और नए प्रदेश प्रभारी-सह प्रभारियों के दौरे से भाजपा कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने की कोशिश हो रही है, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी के संभावित केदारनाथ और टिहरी दौरे को बड़े सियासी संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं कांग्रेस भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के प्रस्तावित दौरों के जरिए पहाड़ में अपनी खोई जमीन वापस पाने की तैयारी में है। ऐसे में आने वाले महीनों में उत्तराखंड की सियासत और गरमाएगी, बयानबाजी तेज होगी और दोनों ही खेमों की ओर से शक्ति प्रदर्शन का दौर भी शुरू होता नजर आएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *