KNEWS DESK- कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने छात्रों और युवाओं से जुड़े रोजगार, शिक्षा, डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। राहुल गांधी ने कहा कि 21वीं सदी में भारत के विकास की सबसे बड़ी ताकत देश के युवा और युवाओं का डेटा है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के डेटा के बिना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का कोई खास मतलब नहीं है। राहुल गांधी के मुताबिक, डेटा से AI बनाया जा सकता है, लेकिन AI से डेटा नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि युवाओं की क्षमता और उनके डेटा की ताकत को समझना जरूरी है।
‘पढ़ाई के बाद सर्टिफिकेट मिलता है, नौकरी नहीं’
राहुल गांधी ने रोजगार के मुद्दे पर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के युवा वर्षों तक पढ़ाई करते हैं और उनके परिवार उनकी शिक्षा पर बड़ी रकम खर्च करते हैं। इसके बाद युवाओं को डिग्री या सर्टिफिकेट तो मिल जाता है, लेकिन रोजगार की गारंटी नहीं मिलती।
उन्होंने दावा किया कि 1,000 लोगों में केवल 12 लोगों को स्थायी नौकरी मिलती है। राहुल गांधी ने कहा कि रोजगार की कमी युवाओं के सामने बड़ी चुनौती बन गई है और इससे उनकी उम्मीदों पर असर पड़ रहा है।
‘Reels 21वीं सदी का नया नशा’
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया और रील्स को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि युवाओं को एक तरफ रोजगार नहीं मिल रहा, वहीं उन्हें रील्स और कंटेंट बनाने में उलझाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘Reel 21वीं सदी का नया नशा है।’ राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि युवाओं के डेटा का इस्तेमाल बड़ी कंपनियों के फायदे के लिए किया जा रहा है। इसके बाद युवाओं को डिलीवरी और कैब जैसे गिग वर्क में जाने की सलाह दी जाती है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को मजदूरी और अस्थायी काम तक सीमित करने के बजाय उन्हें स्थायी और बेहतर रोजगार के अवसर दिए जाने चाहिए।
BJP-RSS पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में बीजेपी और RSS पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की व्यवस्था का फायदा BJP, RSS और बड़े पूंजीपतियों को पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के कारण नौकरियों के अवसर कम हुए हैं और विश्वविद्यालयों समेत कई संस्थानों पर दबाव बढ़ा है।
राहुल गांधी ने छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि देश के युवाओं ने डर का सामना किया है और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
‘नफरत और हिंसा से नहीं, प्यार से लड़ना है’
राहुल गांधी ने छात्रों से नफरत और हिंसा से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति सत्य और अहिंसा की रही है और युवाओं को इसी रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी छात्र के दिल में नफरत नहीं, बल्कि प्यार होना चाहिए। राहुल गांधी ने युवाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करें।
उन्होंने कहा कि युवाओं को प्यार और स्नेह के साथ भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। राहुल गांधी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा भारत की आत्मा और भविष्य हैं।
‘युवा ही भारत का भविष्य’
राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं में बदलाव लाने की क्षमता है। उन्होंने युवाओं से कहा कि उन्हें नफरत और हिंसा का रास्ता छोड़कर प्यार और एकजुटता के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
प्रयागराज में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान रोजगार, शिक्षा, डेटा और युवाओं के भविष्य को लेकर राहुल गांधी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले युवाओं के साथ वह आगे भी खड़े रहेंगे।