खो-खो वर्ल्ड चैंपियन नाजिया बीबी का छलका दर्द, एक साल बाद भी नहीं मिली 40 हजार की पुरस्कार राशि

खो-खो वर्ल्ड कप 2025 की विजेता भारतीय टीम की सदस्य रहीं जम्मू-कश्मीर की खिलाड़ी नाजिया बीबी ने पुरस्कार राशि नहीं मिलने को लेकर अपनी पीड़ा जाहिर की है। नाजिया का कहना है कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने वर्ल्ड कप जीतने के बाद उनके लिए 40 हजार रुपये की पुरस्कार राशि घोषित की थी, लेकिन एक साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी उन्हें यह रकम नहीं मिली है।

Knews Desk– 23 वर्षीय नाजिया बीबी खो-खो वर्ल्ड कप 2025 में विश्व विजेता बनी भारतीय टीम का हिस्सा थीं। देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि सरकार की ओर से घोषित पुरस्कार राशि जल्द मिल जाएगी। हालांकि, नाजिया के मुताबिक, घोषणा के एक साल से ज्यादा समय बाद भी उनके बैंक खाते में इनाम की रकम नहीं पहुंची है।

नाजिया ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वर्ल्ड कप जीतना उनके लिए और पूरी टीम के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी। लेकिन लंबे समय तक पुरस्कार राशि नहीं मिलने से अब यह जीत उन्हें पहले जैसी खुशी नहीं देती। उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने 40 हजार रुपये देने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक उन्हें इस राशि का भुगतान नहीं किया गया है।

खिलाड़ी ने यह भी बताया कि उनकी टीम में शामिल दूसरे राज्यों की खिलाड़ियों को सरकारों की ओर से लाखों रुपये और कुछ खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये तक की पुरस्कार राशि दी गई। ऐसे में जम्मू-कश्मीर की ओर से घोषित सिर्फ 40 हजार रुपये भी समय पर नहीं मिलना उनके लिए निराशाजनक है। नाजिया का कहना है कि रकम भले ही ज्यादा न हो, लेकिन एक खिलाड़ी के लिए सरकार की ओर से मिलने वाला सम्मान और सहयोग काफी मायने रखता है।

नाजिया ने कहा कि खिलाड़ियों को सिर्फ पुरस्कार की घोषणा नहीं, बल्कि आगे की तैयारी के लिए भी लगातार सहायता की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि एक खिलाड़ी के लिए अच्छी डाइट, खेल के जूते और बेहतर सुविधाएं काफी महत्वपूर्ण हैं। इन चीजों पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ता रहता है और आर्थिक मदद के अभाव में खिलाड़ियों के लिए आगे की तैयारी करना मुश्किल हो सकता है।

नाजिया के मुताबिक, फिलहाल उनके खेल और अन्य खर्चों की जिम्मेदारी उनके पिता उठा रहे हैं। वह जम्मू से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई करना चाहती हैं और इसके लिए भी उन्हें आर्थिक सहायता की जरूरत है। उनका कहना है कि खिलाड़ियों को अपनी पढ़ाई और खेल, दोनों को साथ लेकर चलना पड़ता है, जिसके लिए पर्याप्त संसाधन जरूरी हैं।

खो-खो खिलाड़ी ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों को पहचान मिलने और उनकी उपलब्धियों पर ध्यान दिए जाने में काफी समय लगा है। ऐसे में जब किसी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने और विश्व चैंपियन टीम का हिस्सा बनने का मौका मिलता है, तो उसे आगे बढ़ने के लिए जरूरी सहयोग मिलना भी महत्वपूर्ण है।

नाजिया की शिकायत सिर्फ 40 हजार रुपये की पुरस्कार राशि तक सीमित नहीं है। उनके लिए यह मामला खिलाड़ियों को मिलने वाले सम्मान, सुविधाओं और प्रोत्साहन से भी जुड़ा है। अब उनकी नजर इस बात पर है कि सरकार की ओर से घोषित पुरस्कार राशि उन्हें कब तक मिलती है और आगे उनकी पढ़ाई तथा खेल के लिए किस तरह की सहायता उपलब्ध होती है।

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