वैभव सूर्यवंशी को न्यूजीलैंड में भी बैठना पड़ेगा बेंच पर? मुरली कार्तिक ने बताई टीम इंडिया की मजबूरी

Knews Desk- 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपनी प्रतिभा से क्रिकेट जगत का ध्यान खींच चुके हैं, लेकिन भारतीय सीनियर टीम में घरेलू मैदान पर डेब्यू करने का उनका इंतजार अब तक खत्म नहीं हुआ है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में मौका नहीं मिलने के बाद अब न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी सीरीज में भी उनके खेलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वैभव न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम के साथ क्राइस्टचर्च पहुंच चुके हैं, जिससे फैंस को उनके डेब्यू की उम्मीद है। हालांकि, टीम इंडिया के मौजूदा बल्लेबाजी क्रम और स्थापित खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखते हुए उनके लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना आसान नहीं होगा।

आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने के बाद वैभव सूर्यवंशी देश के सबसे चर्चित युवा क्रिकेटरों में शामिल हो गए हैं। उन्होंने एशियन गेम्स में अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करते हुए भी अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई थी। इसके बावजूद उन्हें अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ पूरी सीरीज में बेंच पर बैठना पड़ा। उनके चयन के बाद से ही प्रशंसक लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी क्षमता दिखाने का मौका कब मिलेगा।पूर्व भारतीय स्पिनर मुरली कार्तिक का मानना है कि वैभव को टीम में शामिल करने के लिए जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है। सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क की ओर से आयोजित वर्चुअल बातचीत में इंडिया टुडे से बात करते हुए कार्तिक ने मौजूदा ओपनिंग जोड़ी संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को बरकरार रखने के टीम मैनेजमेंट के फैसले का समर्थन किया। उनके मुताबिक, टीम में बदलाव तभी होना चाहिए, जब उसकी वास्तविक जरूरत हो।

सैमसन और अभिषेक शर्मा ने 38 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में एक साथ 1,125 रन बनाए हैं। यह इस फॉर्मेट में भारत की चौथी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली साझेदारी है। इसके अलावा ईशान किशन भी शानदार फॉर्म में हैं। ऐसे में शीर्ष क्रम में पहले से मौजूद खिलाड़ियों के रहते वैभव के लिए जगह बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। कार्तिक ने कहा कि वह सिर्फ बदलाव करने के लिए किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर करने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की क्षमताओं का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में बदलाव करना मुश्किल है।कार्तिक ने वैभव की स्थिति की तुलना यशस्वी जायसवाल से भी की। जायसवाल ने टेस्ट क्रिकेट और आईपीएल में अपनी बल्लेबाजी से कई बार क्षमता साबित की है, लेकिन वनडे टीम में रोहित शर्मा और शुभमन गिल के स्थापित होने के कारण उन्हें भी मौके का इंतजार करना पड़ा है। कार्तिक का मानना है कि वैभव के सामने भी इसी तरह की चुनौती है। प्रतिभा होने के बावजूद उन्हें टीम में जगह बनाने के लिए स्थापित खिलाड़ियों के बीच अपनी बारी का इंतजार करना होगा।

कार्तिक ने यह भी याद दिलाया कि वैभव ने इंग्लैंड में तब डेब्यू किया था, जब संजू सैमसन खराब दौर से गुजर रहे थे और टीम को बदलाव करना पड़ा था। उनके मुताबिक, भविष्य में वैभव को मौका मिल सकता है, लेकिन यह कहना मुश्किल है कि वह समय कब आएगा।कार्तिक का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को उनकी टीम में स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी देना जरूरी है। गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर का वैभव से बातचीत करना और उन्हें मौके के लिए तैयार रहने की सलाह देना इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। उनके अनुसार, खिलाड़ियों को कड़वी सच्चाई बताना बेहतर है, ताकि वे परिस्थितियों को स्वीकार कर आगे बढ़ सकें।फिलहाल, न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर सबकी नजरें रहेंगी। हालांकि, मौजूदा ओपनिंग विकल्पों और प्रतिस्पर्धा को देखते हुए उनके खेलने की संभावना को लेकर निश्चित दावा नहीं किया जा सकता। वैभव के पास प्रतिभा है, लेकिन भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए सही समय और अवसर का इंतजार भी उतना ही जरूरी है।

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