Knews Desk– भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा अपनी शानदार गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने भारत को कई अहम मौकों पर विकेट दिलाए हैं, लेकिन उनकी एक छोटी सी गलती कई बार उनके लिए बड़ी परेशानी बन चुकी है। ओवरस्टेपिंग यानी क्रीज से पैर आगे निकलने की वजह से जडेजा कई बार ऐसे विकेट गंवा चुके हैं, जिन्हें वह हासिल कर चुके थे। श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब उन्होंने टेस्ट कप्तान धनंजय डि सिल्वा को आउट कर दिया था, लेकिन गेंद नो बॉल होने के कारण उन्हें विकेट नहीं मिला।
गॉल टेस्ट की इस घटना ने एक बार फिर जडेजा की नो बॉल से जुड़े पुराने रिकॉर्ड को चर्चा में ला दिया है। यह पहली बार नहीं है जब जडेजा ने किसी बल्लेबाज को आउट किया, लेकिन ओवरस्टेपिंग की वजह से विकेट उनके खाते में नहीं जुड़ा। उनके टेस्ट करियर में कई ऐसे मौके आ चुके हैं, जब नो बॉल ने उनसे अहम विकेट छीन लिया।
जडेजा के साथ ऐसा सबसे पहले 2015 में मोहाली टेस्ट के दौरान देखने को मिला था। दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स को उन्होंने आउट किया था, लेकिन जिस गेंद पर विकेट मिला, वह नो बॉल निकली। इस वजह से डिविलियर्स को जीवनदान मिल गया और जडेजा के खाते में विकेट नहीं आया।इसके बाद 2017 में नागपुर टेस्ट में श्रीलंका के दिमुथ करुणारत्ने के खिलाफ भी जडेजा की गेंद नो बॉल साबित हुई। उसी साल दिल्ली टेस्ट में श्रीलंका के दो प्रमुख बल्लेबाज एंजलो मैथ्यूज और दिनेश चांदीमल भी इसी तरह जडेजा की गेंद पर आउट होने से बच गए। दोनों मौकों पर जडेजा ने विकेट तो हासिल किया, लेकिन ओवरस्टेपिंग के कारण गेंद नो बॉल घोषित हो गई।
2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ किंग्स्टन टेस्ट में भी जडेजा के साथ यही कहानी दोहराई गई। उन्होंने शमारा ब्रूक्स को आउट किया, लेकिन उनका पैर क्रीज से आगे था और गेंद नो बॉल करार दी गई। इसके अगले साल 2020 में न्यूजीलैंड के खिलाफ क्राइस्टचर्च टेस्ट में हेनरी निकोल्स भी इसी तरह जडेजा की गेंद पर आउट होने से बच गए।सबसे ज्यादा हैरान करने वाला दौर 2023 में आया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में जडेजा ने ओवरस्टेपिंग के कारण तीन अहम विकेट गंवाए। नागपुर टेस्ट में स्टीव स्मिथ उनके निशाने पर थे। अगर वह विकेट मिल जाता तो स्मिथ जडेजा के टेस्ट करियर का 250वां शिकार बन सकते थे। इसके बाद इंदौर टेस्ट में मार्नस लाबुशेन और दिल्ली टेस्ट में पीटर हैंड्सकॉम्ब भी इसी वजह से जडेजा की गेंद पर आउट होने से बच गए।
आंकड़े बताते हैं कि यह समस्या सिर्फ कुछ चुनिंदा मुकाबलों तक सीमित नहीं है। 2021 से अब तक जडेजा टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा नो बॉल फेंकने वाले स्पिनरों में शामिल हैं। इस अवधि में उन्होंने कुल 84 नो बॉल फेंकी हैं। उनके बाद पाकिस्तान के नोमान अली का नंबर आता है, जिन्होंने इस दौरान 40 नो बॉल डाली हैं।इस तरह जडेजा की शानदार गेंदबाजी के बीच नो बॉल का यह आंकड़ा निश्चित तौर पर चौंकाने वाला है। खासकर टेस्ट जैसे लंबे फॉर्मेट में जहां एक विकेट पूरे मैच का रुख बदल सकता है, वहां ओवरस्टेपिंग की छोटी सी गलती टीम और गेंदबाज दोनों पर भारी पड़ सकती है। गॉल टेस्ट में धनंजय डि सिल्वा का विकेट भी इसी वजह से जडेजा के हाथ से निकल गया और एक बार फिर उनकी नो बॉल चर्चा का विषय बन गई।