Knews Desk– भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने चोट से वापसी के बाद अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार किया है, लेकिन जीत अभी भी उनसे दूर है. स्विट्जरलैंड के लुसाने में आयोजित डायमंड लीग मुकाबले में नीरज ने 88.06 मीटर का थ्रो कर इस सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. इसके बावजूद वह पहले स्थान पर नहीं पहुंच सके. श्रीलंका के युवा जैवलिन थ्रोअर रुमेश थरंगा पथिरागा ने 88.14 मीटर के थ्रो के साथ बाजी मार ली. इस तरह नीरज महज 14 सेंटीमीटर के मामूली अंतर से खिताब जीतने से चूक गए.
लुसाने में शुक्रवार 21 अगस्त की रात आयोजित पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में नीरज और रुमेश के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली. इस मुकाबले में पाकिस्तान के स्टार जैवलिन थ्रोअर अरशद नदीम हिस्सा नहीं ले रहे थे, इसलिए भारतीय और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच मुकाबला खास आकर्षण का केंद्र रहा. दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने जैवलिन थ्रो में भारत और श्रीलंका के बीच एक नई प्रतिद्वंद्विता की झलक भी दिखाई.रुमेश ने प्रतियोगिता की शुरुआत शानदार अंदाज में की. उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 85.99 मीटर का थ्रो कर पहला स्थान हासिल कर लिया. इसके जवाब में नीरज ने भी अपने पहले प्रयास में 83.54 मीटर का थ्रो किया और दूसरे स्थान पर पहुंच गए. दूसरे राउंड में रुमेश ने अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए 87.06 मीटर का थ्रो किया.
इसके बाद नीरज ने अपना असली दम दिखाया. दूसरे प्रयास में उन्होंने 88.06 मीटर दूर भाला फेंककर रुमेश को पीछे छोड़ दिया और प्रतियोगिता में नंबर एक पर पहुंच गए. यह नीरज का इस सीजन का सबसे लंबा थ्रो रहा. इससे पहले उन्होंने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में 85.83 मीटर का थ्रो किया था. यानी लुसाने में उन्होंने अपने सीजन बेस्ट प्रदर्शन में 2 मीटर से ज्यादा का सुधार किया.हालांकि नीरज की बढ़त ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी. तीसरे प्रयास में रुमेश थरंगा पथिरागा ने 88.14 मीटर का शानदार थ्रो कर दिया. इस प्रयास के साथ ही उन्होंने नीरज से सिर्फ 8 सेंटीमीटर की बढ़त बना ली. नीरज ने तीसरे राउंड में 83.72 मीटर का थ्रो किया और इसके बाद अपने बाकी प्रयासों में वह 88.06 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को पार नहीं कर सके.
आखिरकार रुमेश ने 88.14 मीटर के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि नीरज 88.06 मीटर के साथ दूसरे नंबर पर रहे. यह लगातार दूसरा बड़ा इवेंट है, जिसमें नीरज ने अपने सीजन बेस्ट प्रदर्शन में सुधार किया, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भी नीरज दूसरे स्थान पर रहे थे. चोट के कारण कई महीनों तक प्रतिस्पर्धी एक्शन से दूर रहने के बाद उनकी वापसी के लिहाज से हालांकि ये प्रदर्शन सकारात्मक संकेत है.नीरज के लिए अब अगला लक्ष्य डायमंड लीग फाइनल है. 5 सितंबर को ब्रुसेल्स में होने वाले फाइनल के लिए वह क्वालिफिकेशन की दहलीज पर हैं. लुसाने में सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के बाद उनका आत्मविश्वास जरूर बढ़ा होगा. भारतीय फैंस को उम्मीद होगी कि नीरज अपनी लय को आगे भी बरकरार रखें और फाइनल में इस बार सिर्फ कुछ सेंटीमीटर के अंतर से जीत से दूर न रह जाएं.