Knews Desk- न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में भारतीय टीम ने 5 विकेट से शानदार जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त बना ली है। अब दोनों टीमों के बीच दूसरा मुकाबला 7 नवंबर को वेलिंग्टन में खेला जाएगा। इस मैच में टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की वापसी हो सकती है। ऐसे में पहले वनडे में खेलने वाले एक गेंदबाज को प्लेइंग-11 से बाहर बैठना पड़ सकता है।
ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए पहले वनडे में भारतीय टीम ने चार तेज गेंदबाजों के साथ मैदान पर कदम रखा था, लेकिन इनमें मोहम्मद सिराज का नाम नहीं था। उनका टीम में शामिल न होना कई लोगों के लिए हैरानी की बात थी। पूर्व तेज गेंदबाज डोड्डा गणेश ने भी इस फैसले पर सवाल उठाया था। हालांकि, सिराज को आराम देने के पीछे टीम मैनेजमेंट की एक खास वजह थी।दरअसल, ऑकलैंड वनडे से ठीक एक दिन पहले सिराज इंडिया ए और न्यूजीलैंड ए के बीच खेले गए तीन दिवसीय टेस्ट मैच का हिस्सा थे। यह मुकाबला लिंकन में खेला गया था। टेस्ट मैच खत्म होने के बाद सिराज को ऑकलैंड पहुंचने के लिए करीब 780 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता। इसके बाद बिना पर्याप्त आराम और तैयारी के वनडे मैच में उतरना उनके लिए जोखिम भरा हो सकता था। इसी वजह से उन्हें ऑकलैंड जाने के बजाय सीधे वेलिंग्टन पहुंचने को कहा गया।
अब दूसरा वनडे वेलिंग्टन में 7 नवंबर को खेला जाना है और सिराज के इस मुकाबले में उपलब्ध रहने की संभावना काफी ज्यादा है। अगर वह प्लेइंग-11 में शामिल होते हैं तो टीम को किसी एक तेज गेंदबाज को बाहर करना होगा। पहले मैच में भारतीय गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड को महज 185 रन पर समेट दिया था, इसलिए गेंदबाजी आक्रमण में बदलाव करना आसान फैसला नहीं होगा।ऐसे में सबसे ज्यादा खतरा आकिब नबी की जगह पर नजर आ रहा है। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज नबी ने ऑकलैंड में अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया था। उन्होंने अर्शदीप सिंह के साथ नई गेंद से गेंदबाजी की शुरुआत की और न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाजों को कई बार परेशान किया। हालांकि, उन्हें कोई विकेट नहीं मिल सका। उनकी गेंद पर नमन धीर ने एक आसान कैच भी छोड़ दिया था।
इसके बाद नबी की गेंदबाजी में पहले जैसी धार नजर नहीं आई। यही वजह है कि दूसरे वनडे के लिए प्लेइंग-11 में बदलाव होने पर उनका स्थान सबसे ज्यादा खतरे में माना जा रहा है। सिराज के अनुभव और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके प्रदर्शन को देखते हुए टीम मैनेजमेंट उन्हें मौका दे सकता है।भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि पहले मैच में शानदार प्रदर्शन करने वाले गेंदबाजी संयोजन में बदलाव करते समय टीम का संतुलन बरकरार रहे। सिराज की वापसी से भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को अनुभव और मजबूती मिलेगी। अब देखना होगा कि वेलिंग्टन में टीम मैनेजमेंट किस गेंदबाज को बाहर कर सिराज को प्लेइंग-11 में शामिल करता है।