Knews Desk- भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सका। सीरीज के दौरान वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। कैरेबियाई टीम ने तीन पारियों में 200 से ज्यादा रन बनाए, जबकि दो अलग-अलग मुकाबलों में 240 से अधिक का स्कोर खड़ा किया। भारतीय गेंदबाजों के इस प्रदर्शन ने टीम की रणनीति और प्लेइंग-11 के चयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया की गेंदबाजी को लेकर चिंता जताई है। उनका मानना है कि बल्लेबाजी को मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त बल्लेबाजों को शामिल करने की रणनीति टीम पर भारी पड़ सकती है। गावस्कर के मुताबिक, अगर टीम में विशेषज्ञ गेंदबाजों की संख्या कम होगी, तो बड़े स्कोर वाले मुकाबलों में विपक्षी बल्लेबाजों को रोकना मुश्किल हो सकता है।
सीरीज के चौथे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने 247 रन बनाए थे। उस मैच में भारतीय टीम के पास मयंक यादव, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव के रूप में केवल तीन स्पेशलिस्ट गेंदबाज थे। बाकी ओवरों के लिए टीम को ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल और नमन धीर पर निर्भर रहना पड़ा। गावस्कर के अनुसार, इस तरह की रणनीति से गेंदबाजी के विकल्प सीमित हो जाते हैं और विपक्षी टीम इसका फायदा उठा सकती है।गावस्कर ने सुझाव दिया कि भारतीय टीम को अपनी प्लेइंग-11 में कम से कम चार स्पेशलिस्ट गेंदबाजों के साथ उतरना चाहिए। इसके अलावा पांचवें और छठे विकल्प के तौर पर ऐसे गेंदबाजी ऑलराउंडर होने चाहिए, जो बल्लेबाजी में भी योगदान दे सकें। उन्होंने अक्षर पटेल और नमन धीर का उदाहरण देते हुए कहा कि टीम को खिलाड़ियों की भूमिका स्पष्ट रखनी चाहिए।
गावस्कर ने हार्दिक पांड्या का विकल्प तलाशने की रणनीति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि हार्दिक जैसे ऑलराउंडर की जगह लेना आसान नहीं है। अगर उनके स्तर का खिलाड़ी उपलब्ध नहीं है, तो टीम को किसी खिलाड़ी को जबरन उसी भूमिका में फिट करने के बजाय उसकी वास्तविक क्षमताओं के अनुसार जिम्मेदारी देनी चाहिए। उन्होंने नमन धीर की भूमिका का भी जिक्र किया।सीरीज के आखिरी मुकाबले के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी गेंदबाजी में सुधार की जरूरत स्वीकार की। अय्यर ने कहा कि दूसरे और चौथे मैच में बेहतर गेंदबाजी होती, तो नतीजे अलग हो सकते थे। उन्होंने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए शाई होप के प्रदर्शन को भी सराहा।भारतीय टीम के लिए यह सीरीज गेंदबाजी संयोजन पर दोबारा विचार करने का संकेत है। टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजी की गहराई जरूरी है, लेकिन बड़े स्कोर रोकने के लिए विशेषज्ञ गेंदबाजों की भूमिका भी अहम होती है। अब देखना होगा कि टीम मैनेजमेंट आगामी मुकाबलों में गावस्कर की सलाह को ध्यान में रखते हुए प्लेइंग-11 में क्या बदलाव करता है।