Knews Desk– जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज जीतकर टीम इंडिया ने जरूर राहत की सांस ली है, लेकिन इससे पहले इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर हुए निराशाजनक प्रदर्शन का असर अभी भी भारतीय क्रिकेट में चर्चा का विषय बना हुआ है। लगातार मिली हार के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अब टीम के प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा करने जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगस्त के पहले सप्ताह में बोर्ड की अहम समीक्षा बैठक होगी, जिसमें हालिया विदेशी दौरों के प्रदर्शन का विश्लेषण किया जाएगा।भारतीय टीम ने जून और जुलाई के दौरान आयरलैंड और इंग्लैंड का दौरा किया था। इस दौरान टीम ने दो टी20 सीरीज और एक वनडे सीरीज खेली। इन तीनों सीरीज में भारत का प्रदर्शन उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत रहा। कुल 10 मुकाबलों में टीम इंडिया को 8 मैचों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि एक मैच रद्द रहा और भारत केवल एक ही मुकाबला जीत सका।
सबसे बड़ा झटका आयरलैंड के खिलाफ मिला, जहां भारतीय टीम पहली बार द्विपक्षीय सीरीज में 0-2 से हार गई। यह भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा उलटफेर माना गया। इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर भी टीम का प्रदर्शन नहीं सुधरा। इंग्लैंड ने टी20 सीरीज में भारत का क्लीन स्वीप किया और वनडे सीरीज भी अपने नाम कर ली। लगातार मिली इन हारों ने टीम चयन, रणनीति और खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर कई सवाल खड़े कर दिए।हालांकि इसके बाद श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम कर ली। इस जीत ने टीम का मनोबल जरूर बढ़ाया, लेकिन बोर्ड विदेशी दौरों की नाकामी को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं है। यही वजह है कि जिम्बाब्वे दौरे को भी समीक्षा बैठक का हिस्सा बनाया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, BCCI सचिव देवजित सैकिया ने संकेत दिए हैं कि अगस्त के शुरुआती दिनों में होने वाली इस बैठक में आयरलैंड, इंग्लैंड और जिम्बाब्वे दौरे के प्रदर्शन पर विस्तार से चर्चा होगी। बोर्ड यह जानने की कोशिश करेगा कि विदेशी परिस्थितियों में टीम लगातार क्यों संघर्ष कर रही है और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या बदलाव जरूरी हैं।हालांकि शुरुआती रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि मुख्य कोच गौतम गंभीर या कप्तान के खिलाफ किसी बड़े कदम की संभावना फिलहाल नहीं है। बोर्ड का ध्यान टीम के सपोर्ट स्टाफ पर ज्यादा रहने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक, कोचिंग स्टाफ के कुछ सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है और उनके अनुबंध को आगे बढ़ाने या समाप्त करने पर इस बैठक में फैसला लिया जा सकता है।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि फील्डिंग कोच टी. दिलीप और असिस्टेंट कोच रायन टेन डोशेटे के भविष्य पर भी चर्चा होगी। यदि बोर्ड को लगता है कि टीम के प्रदर्शन में सुधार के लिए बदलाव जरूरी हैं, तो सपोर्ट स्टाफ में फेरबदल किया जा सकता है।भारतीय क्रिकेट में विदेशी दौरों पर लगातार खराब प्रदर्शन को लेकर पूर्व क्रिकेटर और विशेषज्ञ भी चिंता जता चुके हैं। उनका मानना है कि केवल घरेलू जीत से संतुष्ट होने के बजाय टीम को विदेशों में बेहतर प्रदर्शन करने की रणनीति तैयार करनी होगी। ऐसे में अगस्त की यह समीक्षा बैठक भारतीय क्रिकेट के लिए काफी अहम मानी जा रही है।अब सभी की नजरें BCCI की इस बैठक पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि बोर्ड सिर्फ समीक्षा तक सीमित रहता है या फिर टीम और सपोर्ट स्टाफ में कुछ बड़े बदलावों का ऐलान भी करता है। आने वाले महीनों में भारत को कई अहम अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेलनी हैं, ऐसे में यह बैठक टीम की भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।