जींद की मनीषा भानवाला का कमाल, 0-6 से पिछड़कर जीता फाइनल, पहली भारतीय महिला वर्ल्ड कुश्ती चैंपियन बनीं

Knews Desk– भारतीय कुश्ती के इतिहास में मनीषा भानवाला ने एक नया अध्याय जोड़ दिया है। हरियाणा के जींद की रहने वाली इस पहलवान ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में आयोजित प्रतियोगिता के महिलाओं के 59 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में मनीषा का सामना अमेरिका की पहलवान अबिगेल नेट से हुआ। मुकाबले की शुरुआत में मनीषा पिछड़ गई थीं और एक समय स्कोर 0-6 हो गया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। शानदार प्रदर्शन करते हुए मनीषा ने लगातार वापसी की और मुकाबला 8-6 से अपने नाम कर लिया।इस जीत के साथ मनीषा भानवाला वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं। उनकी इस उपलब्धि को भारतीय कुश्ती के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2010 में सुशील कुमार ने 66 किलोग्राम वर्ग में विश्व चैंपियन बनकर भारत को बड़ी सफलता दिलाई थी। अब मनीषा ने भी विश्व स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय कुश्ती में अपनी अलग पहचान बना ली है।

मनीषा का कुश्ती तक पहुंचने का सफर भी प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने वर्ष 2013 में अपने कुश्ती करियर की शुरुआत की थी। उनके पिता सुरेश ने शुरुआत में उन्हें फिटनेस बेहतर करने के उद्देश्य से कुश्ती के लिए भेजा था। हालांकि, धीरे-धीरे मनीषा को अपनी प्रतिभा का एहसास हुआ और उन्होंने इसे अपना पेशेवर करियर बना लिया। लगातार मेहनत और अभ्यास के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए।मनीषा के जीवन में वर्ष 2022 एक बेहद कठिन दौर लेकर आया। वह एशियाई चैंपियनशिप के लिए रवाना होने वाली थीं, लेकिन इससे पहले उनके पिता सुरेश का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। पिता उनके करियर के शुरुआती दौर में ही दुनिया से चले गए। इस व्यक्तिगत दुख के बावजूद मनीषा ने हिम्मत नहीं हारी और अपने खेल पर ध्यान बनाए रखा। उनके संघर्ष और दृढ़ संकल्प ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

हालांकि, वर्ष 2026 में आयोजित एशियन गेम्स में मनीषा को निराशा का सामना करना पड़ा था। उन्होंने प्रतियोगिता में पदक जीतने के लिए लंबे समय तक तैयारी की और इसके लिए अपने घर से भी दूर रहीं। इसके बावजूद उन्हें क्वार्टर फाइनल में जापान की पहलवान अकारी फुजिनामी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इस नतीजे के बाद मनीषा ने अपना ध्यान वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी पर केंद्रित किया।एशियन गेम्स की हार के बाद मनीषा की विश्व चैंपियनशिप में मिली जीत उनके मजबूत इरादों और मेहनत का प्रमाण है। फाइनल में 0-6 से पिछड़ने के बाद 8-6 से मुकाबला जीतना उनके धैर्य और संघर्ष को दर्शाता है। मनीषा भानवाला की यह उपलब्धि भारतीय महिला कुश्ती के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उनके प्रदर्शन ने साबित किया है कि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

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