KNEWS DESK-सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु सावन सोमवार का व्रत रखकर भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। लेकिन हर किसी के लिए व्रत रखना संभव नहीं होता। कई बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, यात्रा, नौकरी या अन्य जरूरी कारणों से लोग उपवास नहीं रख पाते। ऐसे में निराश होने की आवश्यकता नहीं है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्ची श्रद्धा और भक्ति से किए गए कुछ सरल उपाय भी भगवान शिव की कृपा दिला सकते हैं।
व्रत न रख सकें तो श्रद्धा से करें शिव पूजा
यदि किसी कारणवश आप सावन सोमवार का व्रत नहीं रख पा रहे हैं, तो सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान शिव का ध्यान करें। घर में स्थापित शिवलिंग या शिवजी की प्रतिमा के सामने दीप जलाकर पूजा करें। शिवलिंग पर शुद्ध जल अर्पित करें और यदि संभव हो तो गंगाजल या दूध से अभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल या अपनी श्रद्धा अनुसार पुष्प अर्पित करें।
घर बैठे भी कर सकते हैं भोलेनाथ की आराधना
यदि मंदिर जाना संभव न हो, तो घर पर ही भगवान शिव की पूजा की जा सकती है। सुबह या शाम सुविधानुसार पूजा करें, दीपक जलाएं और भगवान शिव का स्मरण करें। यदि शिवलिंग उपलब्ध नहीं है, तो शिवजी की तस्वीर के सामने बैठकर ध्यान करें। धार्मिक मान्यता है कि भावपूर्वक की गई मानसिक पूजा भी उतनी ही फलदायी मानी जाती है।
‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का करें जाप
भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। सावन सोमवार के दिन इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करना शुभ माना गया है। अपनी सुविधा के अनुसार 11, 21, 51 या 108 बार मंत्र का जाप करें। मंत्र जप के दौरान मन को शांत रखें और भगवान शिव से अपनी मनोकामनाएं प्रार्थना स्वरूप व्यक्त करें।
शिव चालीसा और स्तोत्र का पाठ भी है शुभ
यदि आप उपवास नहीं रख पा रहे हैं, तो भगवान शिव की आराधना के लिए शिव चालीसा, शिव तांडव स्तोत्र, महामृत्युंजय मंत्र या शिव आरती का पाठ कर सकते हैं। कम समय होने पर कुछ मिनट ध्यान लगाकर शिव नाम का स्मरण करना भी धार्मिक दृष्टि से पुण्यदायी माना जाता है।
दान और सेवा से भी मिलती है पुण्य की प्राप्ति
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार पर जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भी भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का एक माध्यम माना गया है। अपनी क्षमता के अनुसार भोजन, वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान कर सकते हैं। इसके अलावा गौसेवा, पक्षियों को दाना डालना या किसी जरूरतमंद की मदद करना भी शुभ माना जाता है।
धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि भगवान शिव अपने भक्तों की भावनाओं से प्रसन्न होते हैं। इसलिए यदि किसी मजबूरी के कारण व्रत नहीं रखा जा सका, तो केवल श्रद्धा, सच्चे मन से की गई पूजा, मंत्र जाप और भगवान शिव का स्मरण भी विशेष फलदायी माना जाता है।
2026 में कब पड़ेंगे सावन सोमवार?
पंचांग के अनुसार, सावन मास 30 जुलाई 2026, गुरुवार से शुरू होकर 28 अगस्त 2026, शुक्रवार तक रहेगा। इस दौरान कुल चार सावन सोमवार पड़ेंगे। पहला सावन सोमवार 3 अगस्त 2026 को होगा। इन सभी सोमवारों को भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और मंत्र जाप का विशेष महत्व माना जाता है।