Knews Desk– हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। इस वर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा 29 जून 2026 को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा करने से धन, सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। इसी दिन वट पूर्णिमा व्रत भी रखा जाएगा और आषाढ़ मास की शुरुआत होगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस बार की ज्येष्ठ पूर्णिमा कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ फल देने वाली मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इन राशियों के लोगों को करियर, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
मेष राशि के जातकों के लिए यह पूर्णिमा शुभ संकेत लेकर आ सकती है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है और करियर में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि कारोबारियों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है और परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। आत्मविश्वास में भी वृद्धि होने की संभावना है।मिथुन राशि के लोगों के लिए भी यह दिन काफी लाभकारी माना जा रहा है। मां लक्ष्मी की कृपा से धन लाभ के योग बन सकते हैं। करियर में मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है और नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं। परिवार और मित्रों का सहयोग मिलेगा, जिससे कई रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। आर्थिक मामलों में स्थिरता आने के साथ भविष्य की योजनाओं को भी गति मिल सकती है।तुला राशि के जातकों के लिए ज्येष्ठ पूर्णिमा राहत और खुशखबरी लेकर आ सकती है। रुके हुए कार्य पूरे होने के संकेत हैं और आर्थिक परेशानियां कम हो सकती हैं। यदि आप किसी नए काम या निवेश की योजना बना रहे हैं तो यह समय अनुकूल माना जा रहा है। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी और परिवार में सकारात्मक माहौल रहेगा। सामाजिक जीवन में भी सम्मान बढ़ने के योग बन रहे हैं।
धनु और कुंभ राशि के जातकों के लिए भी यह पूर्णिमा शुभ मानी गई है। धनु राशि वालों को नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं तथा सोच-समझकर किया गया निवेश लाभदायक साबित हो सकता है। वहीं कुंभ राशि के लोगों के लिए आय के नए स्रोत बनने, रुका हुआ धन मिलने और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ने की संभावना है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और नए कार्यों की शुरुआत के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान के बाद मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए और शाम को चंद्र देव को दूध मिश्रित जल का अर्घ्य अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही सफेद मिठाई, चावल और खीर का भोग लगाने तथा दान-पुण्य करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होने की मान्यता है।