कानपुर: उत्तर प्रदेश बोर्ड इंटरमीडिएट 2026 के परिणामों में जहां एक ओर जीविका श्रीवास्तव की पिछली उपलब्धि अभी भी चर्चा में है, वहीं अब उनके भाई कृष्णा श्रीवास्तव ने भी 91.20% अंक लाकर अपनी अलग पहचान बनाई है। ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज के टॉप 5 छात्रों में चौथे स्थान पर रहे कृष्णा ने यह साबित किया कि सफलता सिर्फ टॉप करने में नहीं, बल्कि लगातार बेहतर प्रदर्शन में भी होती है।

कृष्णा के लिए यह सफर आसान नहीं था। घर में पहले से ही एक टॉपर बहन की उपलब्धि होने के कारण अपेक्षाओं का दबाव स्वाभाविक था। हालांकि वह स्कूल टॉप नहीं कर पाए, लेकिन उनका प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि उन्होंने अपनी दिशा और गति खुद तय की है।

परिवार में पढ़ाई का माहौल हमेशा से प्रेरणादायक रहा है। पिता नीरज श्रीवास्तव जलकल विभाग में रेवेन्यू इंस्पेक्टर हैं, जबकि माता पूर्णिमा श्रीवास्तव गृहिणी हैं। दोनों बच्चों की सफलता इस बात का उदाहरण है कि सही मार्गदर्शन और अनुशासन से लगातार अच्छे परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, कृष्णा अपनी बहन की तरह ही पढ़ाई के प्रति समर्पित रहे, लेकिन उन्होंने अपनी तैयारी का तरीका अलग रखा। परिणाम आने के बाद वह थोड़ा निराश जरूर हैं कि टॉप नहीं कर पाए, लेकिन उनके करीबी मानते हैं कि यह उपलब्धि उनके आगे के सफर के लिए मजबूत आधार बनेगी।

कृष्णा की यह कहानी उन हजारों छात्रों के लिए भी एक संदेश है, जो टॉप लिस्ट में नहीं आ पाते, लेकिन अपने प्रदर्शन से एक मजबूत पहचान बनाते हैं। सफलता सिर्फ रैंक में नहीं, बल्कि निरंतरता और आत्मविश्वास में भी होती है।