डिजिटल डेस्क- जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में शुक्रवार को एक चौंकाने वाला हादसा सामने आया, जहां एक नवनिर्मित होटल की लिफ्ट अचानक गिरने से छह पर्यटक घायल हो गए। यह घटना हैदरपुरा इलाके में स्थित एक होटल में हुई, जिसने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के समय सभी पर्यटक होटल में ठहरे हुए थे और लिफ्ट का इस्तेमाल कर रहे थे। तभी अचानक लिफ्ट नीचे गिर गई, जिससे उसमें सवार सभी लोग घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद होटल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। घायलों को तुरंत इलाज के लिए बरजुल्ला स्थित बोन एंड जॉइंट अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है, हालांकि ज्यादातर लोगों को पैरों और शरीर के निचले हिस्से में चोटें आई हैं।
घायलों की हुई पहचान
घायल पर्यटकों की पहचान बेंगलुरु निवासी वेंकटेश (65), डी. मंगुला (54), कुशल्ला (18), पंकजा (16), वेंकटलक्ष्मम्मा (60) और सौभाग्य (60) के रूप में हुई है। ये सभी लोग घूमने के उद्देश्य से श्रीनगर आए थे और उसी होटल में ठहरे हुए थे, जहां यह हादसा हुआ। हादसे के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन लापरवाही की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।
होटल प्रशासन ने नहीं दिया कोई आधिकारिक बयान, यात्रियों की सुरक्षा पर खड़े हो रहे सवाल
होटल प्रबंधन की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे कई सवाल अनुत्तरित हैं। इस घटना के बाद पर्यटन स्थलों पर होटलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। खासकर ऐसे समय में, जब श्रीनगर और आसपास के इलाके में पर्यटन सीजन अपने चरम पर होता है, इस तरह की घटना पर्यटकों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लिफ्ट की नियमित जांच और मेंटेनेंस में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं सुरक्षा मानकों की अनदेखी का नतीजा हो सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सभी होटलों में सुरक्षा जांच को अनिवार्य किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।