डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के दो बड़े शहरों कानपुर और लखनऊ के बीच कनेक्टिविटी को नया आयाम देने वाला कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (एनई-6) अब पूरी तरह तैयार हो चुका है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लोकार्पण के लिए 28 अप्रैल की तारीख तय की है और इसके लिए नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का इंतजार किया जा रहा है। इससे पहले 21 अप्रैल को लोकार्पण की तैयारी की गई थी, लेकिन प्रधानमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम के चलते इसे एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया गया। अब जैसे ही प्रधानमंत्री कार्यालय से मंजूरी मिलती है, उद्घाटन के साथ ही इस एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू कर दिया जाएगा। परियोजना के तहत जोन-2 में उन्नाव क्षेत्र में 45.300 किलोमीटर और जोन-1 में लखनऊ क्षेत्र में 18.700 किलोमीटर लंबाई का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। हाल ही में लखनऊ दौरे पर आए राजनाथ सिंह ने भी इस एक्सप्रेसवे को जल्द जनता के लिए खोलने का भरोसा दिलाया था।
120 किमी प्रति घंटा की गति से दौड़ सकेंगे वाहन
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका समय बचाने वाला सफर है। यहां वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे, जिससे कानपुर से लखनऊ की दूरी महज 45 मिनट में तय की जा सकेगी। हालांकि, इसके लिए वाहन चालकों को थोड़ा ज्यादा टोल टैक्स देना होगा। सूत्रों के मुताबिक, एक तरफ का टोल करीब 275 रुपये और आने-जाने का 415 रुपये तक हो सकता है, जो मौजूदा हाईवे से लगभग 25 प्रतिशत अधिक है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस एक्सप्रेसवे पर दो और तीन पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। इंजीनियरों के अनुसार, हाई-स्पीड कॉरिडोर होने के कारण बाइक और अन्य हल्के वाहन हादसों का कारण बन सकते हैं, इसलिए यह फैसला लिया गया है।
उन्नाव, लालगंज, रायबरेली को जोड़ा गया
एक्सप्रेसवे को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए इसे कानपुर-लखनऊ और उन्नाव-लालगंज (रायबरेली) हाईवे से जोड़ा गया है। उन्नाव में दो प्रमुख इंटरचेंज बनाए गए हैं, जिससे यात्री आसानी से इस मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। कानपुर की ओर से जाजमऊ गंगा पुल और गंगा बैराज होते हुए आजाद मार्ग चौराहे से एक्सप्रेसवे तक पहुंच बनाई जा सकेगी, जबकि उन्नाव-लालगंज मार्ग से अचलगंज के पास कोरारी गांव के इंटरचेंज के जरिए प्रवेश मिलेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए एक्सप्रेसवे पर आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। यहां 10 बेड का ट्रॉमा सेंटर, फूड प्लाजा, पेट्रोल पंप, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, प्रसाधन और एंबुलेंस जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। एनएचएआई के परियोजना निदेशक नकुल कुमार वर्मा के अनुसार, एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य 31 मार्च से पहले ही पूरा कर लिया गया था और रिपोर्ट दिल्ली मुख्यालय को भेज दी गई है। अब केवल औपचारिक अनुमति का इंतजार है, जिसके बाद लोकार्पण के साथ ही यातायात शुरू कर दिया जाएगा।