भारतीय रेलवे की दोहरी सौगात…. पुणे-शिर्डी के बीच पहली सीधी दैनिक ट्रेन कल से, बिहार पुलिस अभ्यर्थियों के लिए चलेंगी 30 से अधिक स्पेशल ट्रेनें

डिजिटल डेस्क- भारतीय रेलवे ने आम जनता, श्रद्धालुओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक साथ दो बड़ी सौगातों का ऐलान किया है। रेलवे द्वारा उठाए गए इन कदमों से जहां एक तरफ साईं बाबा के दर्शन के लिए जाने वाले लाखों भक्तों का बरसों पुराना इंतजार खत्म होने जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले हजारों अभ्यर्थियों के सफर को सुगम बनाने के लिए रेलवे ने विशेष इंतजाम किए हैं। पुणे और शिर्डी के बीच देश की पहली सीधी दैनिक एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू होने जा रही है, तो वहीं बिहार में छात्रों की भारी भीड़ को देखते हुए 30 से अधिक परीक्षा स्पेशल ट्रेनों के संचालन का फैसला लिया गया है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव कल दिखाएंगे हरी झंडी, शिर्डी के भक्तों में भारी उत्साह

साईं भक्तों के लिए यह खबर किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 17 जून को दोपहर 3:30 बजे पुणे रेलवे स्टेशन से ‘पुणे-साईनगर शिर्डी दैनिक एक्सप्रेस’ को हरी झंडी दिखाकर औपचारिक रूप से रवाना करेंगे। यह पुणे और शिर्डी के बीच शुरू होने वाली इतिहास की पहली सीधी दैनिक रेल सेवा होगी, जिसकी मांग पिछले कई दशकों से की जा रही थी। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस नई दैनिक ट्रेन सेवा के शुरू होने से श्रद्धालुओं को शिरडी साईं बाबा के दर्शन के लिए अब सड़क मार्ग के लंबे और थकाऊ सफर से मुक्ति मिलेगी। उन्हें एक सुरक्षित, आरामदायक और बेहद किफायती यात्रा का विकल्प मिलेगा। इस सेवा का सबसे बड़ा लाभ वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और सपरिवार या समूहों में यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को मिलेगा।

व्यापार, शिक्षा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार

पुणे को देश का प्रमुख शैक्षणिक, आईटी और ऑटोमोबाइल हब माना जाता है, जबकि शिर्डी वैश्विक स्तर पर भारत के सबसे बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शुमार है। इन दोनों महत्वपूर्ण शहरों के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होने से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के सिलसिले में रोजाना आवाजाही करने वाले स्थानीय लोगों को भी बहुत बड़ी राहत मिलेगी। यह नई एक्सप्रेस ट्रेन अपने सफर के दौरान दौंड कॉर्ड केबिन, श्रीगोंडा, अहिल्यानगर, राहुरी और बेलापुर जैसे प्रमुख और रणनीतिक स्टेशनों पर रुकेगी। इन ठहरावों के कारण ग्रामीण इलाकों के किसानों, दूध विक्रेताओं, छात्रों और कामकाजी लोगों को भी जिला मुख्यालयों और बड़े बाजारों तक पहुंचने में आसानी होगी, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सीधा बल मिलेगा।

बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा: अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे का विशेष चक्रव्यूह

एक तरफ जहां महाराष्ट्र को धार्मिक सौगात मिली है, वहीं दूसरी तरफ रेलवे ने बिहार के लाखों बेरोजगार युवाओं और अभ्यर्थियों के लिए भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान ट्रेनों में होने वाली अभूतपूर्व भीड़ को नियंत्रित करने और छात्रों को सहूलियत देने के लिए पूर्व मध्य रेलवे (ECR) विशेष मुस्तैदी दिखा रहा है। इससे पहले 14 जून 2026 को आयोजित हुई पहले चरण की परीक्षा के दौरान 19 परीक्षा स्पेशल ट्रेनें सफलता पूर्वक चलाई गई थीं, जिनमें दानापुर मंडल की 12 और समस्तीपुर मंडल की 7 ट्रेनें शामिल थीं। अब भर्ती परीक्षा के दूसरे बड़े चरण के लिए 16 और 17 जून को बिहार के विभिन्न छोरों को आपस में जोड़ने के लिए 30 से अधिक नई ‘परीक्षा स्पेशल’ ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, ताकि युवाओं को अपने गृह जिलों से परीक्षा केंद्रों तक आने-जाने में किसी भी प्रकार की धक्का-मुक्की या प्रताड़ना का सामना न करना पड़े और वे तनावमुक्त होकर परीक्षा दे सकें।”

पाटलिपुत्र, पटना और मुजफ्फरपुर सहित इन प्रमुख रूटों पर चलेंगी विशेष गाड़ियां

रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, ये विशेष परीक्षा ट्रेनें राज्य के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रूटों पर दौड़ रही हैं। इनमें मुख्य रूप से पाटलिपुत्र से किशनगंज, पटना से नरकटियागंज, पटना से गया, बेतिया से हाजीपुर और मुजफ्फरपुर से पाटलिपुत्र के रूट शामिल हैं। इसके अलावा सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को कवर करने के लिए राजगीर, सहरसा, सुपौल, औरंगाबाद, छपरा, सीवान और पड़ोसी राज्य झारखंड के देवघर जैसे प्रमुख क्षेत्रों को भी इन विशेष रेल सेवाओं से सीधे तौर पर जोड़ा गया है।

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