शिव शंकर सविता- कानपुर में पुलिस ने ऑनलाइन IPL सट्टा रैकेट का बड़ा भंडाफोड़ करते हुए करोड़ों के अवैध कारोबार पर करारा प्रहार किया है। फजलगंज थाना पुलिस और सर्विलांस/स्वाट सेंट्रल जोन की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹3 करोड़ 91 लाख 50 हजार की भारी नकदी बरामद की है, जो इस अवैध नेटवर्क के बड़े पैमाने पर फैले होने का संकेत देती है। इसके साथ ही 6 मोबाइल फोन, 2 करेंसी गिनने की मशीन, 2 कैलकुलेटर और एक कार भी जब्त की गई है।
मुखबिर की सूचना बनी बड़ी सफलता की कुंजी
पुलिस को सूचना मिली थी कि गोविंद नगर पुल के नीचे खड़ी एक कार में बैठकर दो युवक ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने तत्काल छापा मारा और मौके से दो आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने किदवई नगर स्थित एक किराए के मकान पर दबिश दी, जहां से तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस तरह कुल पांच लोग पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
गुजरात से जुड़ा नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कार्तिक लखवानी, राजकुमार, कल्पेश, रवि नाई और विष्णु के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी गुजरात के रहने वाले हैं और लंबे समय से कानपुर में रहकर सट्टे का नेटवर्क चला रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे मोबाइल ऐप और वेबसाइट के जरिए IPL मैचों पर सट्टा लगवाते थे। शहर के अलग-अलग इलाकों से पैसा इकट्ठा कर इसे डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाता था, जिससे इस धंधे को छिपाना आसान हो जाता था। इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड मनीष उर्फ ‘प्रोफेसर’ बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस का मानना है कि वही इस गिरोह का मुख्य संचालक है और पूरे नेटवर्क को नियंत्रित करता था। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
पुलिस टीम को इनाम, IT विभाग भी अलर्ट
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस कमिश्नर ने टीम की सराहना करते हुए ₹50 हजार के इनाम की घोषणा की है। वहीं, बरामद नकदी और अवैध लेन-देन को देखते हुए मामले की सूचना आयकर विभाग को भी दे दी गई है, ताकि वित्तीय जांच भी की जा सके। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह शहर के कई हिस्सों में सक्रिय था और IPL के दौरान बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी करवा रहा था। यह नेटवर्क धीरे-धीरे फैल रहा था और अगर समय रहते इसका पर्दाफाश नहीं होता, तो यह और बड़ा रूप ले सकता था।