2 जून से JoSAA रजिस्ट्रेशन, लेकिन CBSE री-इवैल्यूएशन ने बढ़ाई लाखों छात्रों की चिंता

KNEWS DESK – JEE Advanced 2026 का रिजल्ट जारी होने के साथ ही इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों के लिए दाखिले की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है। संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (JoSAA) ने काउंसलिंग का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है, जिसके तहत 2 जून से रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। लेकिन इसी बीच CBSE 12वीं के री-इवैल्यूएशन में हो रही देरी हजारों छात्रों की परेशानी का कारण बन गई है।

दरअसल, IIT, NIT, IIIT और अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए JEE Main या JEE Advanced में सफल होना ही पर्याप्त नहीं है। छात्रों को 12वीं में निर्धारित न्यूनतम अंकों की शर्त भी पूरी करनी होती है। इस वर्ष बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हैं जिन्होंने JEE में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन 12वीं के परिणाम में अपेक्षित अंक नहीं मिलने के कारण वे री-इवैल्यूएशन का सहारा ले रहे हैं।

इसी बीच CBSE ने 1 जून से री-इवैल्यूएशन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन निर्धारित समय तक पोर्टल पूरी तरह सक्रिय नहीं हो सका। इससे छात्र और अभिभावक दोनों चिंतित हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि बोर्ड ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया कब पूरी होगी और संशोधित परिणाम कब जारी किए जाएंगे।

दूसरी ओर JoSAA काउंसलिंग का कार्यक्रम तय समय के अनुसार आगे बढ़ रहा है। 2 जून से रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग शुरू होगी, जबकि 13 जून को पहले चरण की सीट आवंटन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ऐसे में वे छात्र असमंजस में हैं जो री-इवैल्यूएशन के बाद अपने अंकों में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि री-इवैल्यूएशन के परिणाम समय पर जारी नहीं हुए तो कई छात्रों को पसंदीदा संस्थानों और शाखाओं में प्रवेश पाने का मौका गंवाना पड़ सकता है। यही वजह है कि छात्र लगातार CBSE से जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने की मांग कर रहे हैं।

CBSE के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष चार लाख से अधिक छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था। बड़ी संख्या में छात्र अब री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। बोर्ड द्वारा प्रति प्रश्न 25 रुपये और टोटलिंग के लिए 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।

फिलहाल छात्रों की नजर दो महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं पर टिकी है—एक तरफ JoSAA काउंसलिंग और दूसरी तरफ CBSE री-इवैल्यूएशन। दोनों के बीच समय का यह टकराव हजारों छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा रहा है।

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