KNEWS DESK – मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि प्रदेश में जल्द ही यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जाएगा। इसके लिए गठित समिति विभिन्न जिलों में जाकर लोगों और धार्मिक संगठनों से सुझाव जुटा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते सामाजिक और कानूनी परिवेश में अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की आवश्यकता पर पुनर्विचार करने का समय आ गया है। उनका मानना है कि विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों में समान व्यवस्था से समाज में समानता और न्याय को बढ़ावा मिलेगा।
डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने इस विषय पर व्यापक अध्ययन और सुझावों के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। समिति का नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट की एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश कर रही हैं और इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ भी शामिल हैं। समिति प्रदेशभर में जाकर अलग-अलग समुदायों, धार्मिक नेताओं और आम नागरिकों से संवाद कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जनता से भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार ने सुझावों के लिए एक विशेष वेबसाइट भी शुरू की है, जहां नागरिक अपने विचार और सुझाव दर्ज कर सकते हैं। सरकार चाहती है कि सभी वर्गों की राय लेने के बाद एक संतुलित और व्यापक रिपोर्ट तैयार की जाए।
उन्होंने कहा कि देश के कुछ राज्यों ने पहले ही समान नागरिक संहिता की दिशा में कदम बढ़ाए हैं और मध्यप्रदेश भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश की सामाजिक परिस्थितियां और जनभावनाएं यूसीसी के अनुकूल हैं।
डॉ. यादव ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारें समाज में समान अवसर और न्याय सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। ऐसे में समान नागरिक संहिता को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
फिलहाल समिति द्वारा सुझावों का संकलन जारी है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद सरकार आगे की प्रक्रिया तय करेगी। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यूसीसी को लेकर मध्यप्रदेश में व्यापक चर्चा और राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है।