कानपुरः अस्पताल में मरीज की मौत पर बवाल, भीड़ ने चौकी प्रभारी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, महिला दरोगाओं को भी नहीं बख्शा

शिव शंकर सविता- उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद स्थित कल्याणपुर क्षेत्र के ‘जीवन ज्योति अस्पताल’ में सोमवार रात एक युवक की मौत के बाद स्थिति रणक्षेत्र में बदल गई। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के परिजनों ने न केवल अस्पताल में तोड़फोड़ की, बल्कि बीच-बचाव करने पहुंची पुलिस टीम पर भी जानलेवा हमला बोल दिया। इस हिंसक झड़प में पनकी रोड चौकी प्रभारी की वर्दी फाड़ दी गई और कई महिला पुलिसकर्मी घायल हो गईं। घटनाक्रम के अनुसार, कन्नौज के निजामपुर गढ़िया निवासी गौरव सिंह (30) को पाइल्स की शिकायत के चलते 9 मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतक के पिता विजय बहादुर सिंह का आरोप है कि डॉक्टरों ने ऑपरेशन से पहले खून की कमी बताई थी। पिता के अनुसार, “एक यूनिट ब्लड चढ़ने के बाद गौरव की तबीयत बिगड़ने लगी। 10 मई की देर रात डॉक्टरों ने एक इंजेक्शन लगाया, जिसके तुरंत बाद गौरव की सांसें थम गईं।” परिजनों का सीधा आरोप है कि झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही ने एक मामूली बीमारी को मौत के मातम में बदल दिया।

18 घंटे का हाई वोल्टेज ड्रामा और पुलिस पर हमला

गौरव की मौत के बाद परिजनों ने शव को अस्पताल में ही रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लगभग 18 घंटे तक चले इस हंगामे को शांत करने के लिए जब पुलिस ने सोमवार शाम शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने का प्रयास किया, तो भीड़ उग्र हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आक्रोशित महिलाओं और पुरुषों ने पनकी रोड चौकी प्रभारी विपिन मोरल को घेर लिया और उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान दरोगा की वर्दी तक फाड़ दी गई। उन्हें बचाने आईं महिला दरोगा सुचि अग्रवाल, रुचि और अन्य महिला कांस्टेबलों के साथ भी मारपीट की गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस अधिकारियों को जान बचाकर भागना पड़ा।

भारी पुलिस बल की तैनाती, 10 हिरासत में

सूचना मिलते ही एसीपी आशुतोष कुमार भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया और मौके से 6 महिलाओं व 4 पुरुषों को हिरासत में लिया। एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि, “पोस्टमार्टम के लिए शव ले जाते समय परिजनों ने पुलिस के साथ अभद्रता और मारपीट की है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”

अस्पताल पर कार्रवाई की मांग

मृतक के परिजनों ने अस्पताल संचालक विक्रम और अजीत के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से गुहार लगाई है कि इस निजी अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में योग्य डॉक्टरों के बजाय अप्रशिक्षित स्टाफ द्वारा इलाज किया जा रहा था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *