उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड में मानसून ने दस्तक देते ही चुनौतियां बढ़ा दी हैं. पर्वतीय राज्य में भारी बारिश के साथ लैंडस्लाइड और जलभराव आम हो जाते हैं. इसी तर्ज पर मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वही देर रात मसूरी में हुई मूसलाधार बारिश से एक बार फिर तबाही दिखाने व सवाल खड़े करने करने का काम किया है. मसूरी-देहरादून मार्ग पर वाटर बैंड के पास पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने से सड़क किनारे बना रेस्टोरेंट ध्वस्त हो गया, राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई. वही रुद्रप्रयाग में लगातार बारिश से अलकनंदा नदी उफान पर है जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है. वही नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है. क्योंकि चारधाम यात्रा का भी समय है ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए चारधाम यात्रा को भी अगले दो दिनों के लिए रोक दिया गया है. सबसे ज्यादा चिंता राजधानी देहरादून में देखी गई, जहाँ प्रेमनगर-नंदा की चौकी के पास नेशनल हाईवे पर 16 दिन पहले बना पुल बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया, पुल पर बड़ा गड्ढा बनने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे है. जिलाधिकारी ने दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, पुलिस का कहना है कि गड्ढा एप्रोच रोड पर है. वही लगातार आपदा और अव्यवस्थाओं को लेकर विपक्ष और जनता में आक्रोश है, जिससे मानसून में सरकार के इंतजामों पर सियासत तेज हो गई है और विपक्ष ने कई सवाल सरकार की कार्यप्रणाली से जोड़कर खड़े किये है.
पूरे प्रदेश में देर रात से हो रही झमाझम बारिश के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त हो चला है. प्रदेश की कई सड़कें बाधित है. तो वही चार धाम यात्रा को भी अगले दो दिन के लिए ऐतिहातन बंद रखा गया है. वहीं राजधानी देहरादून में हाल ही में 16 करोड़ की लागत से बना प्रेम नगर नंद की चौकी पर पुल महज 16 दिनों में ही कुछ ही घंटे की बारिश में वॉश आउट हो गया, जिसको लेकर आज सुबह से ही विपक्षी दलों ने सरकार के विरोध जमकर नारेबाजी के साथ सरकार के मानसून के दावों पर हल्ला बोला है.वहीं जिला अधिकारी ने भी इस पूरे मामले पर कड़ी कार्यवाही दोषियों पर करने की बात कही है. जिस पर राजनीति अब अपने चरम पर है.साथ ही भारी बारिश को लेकर मौसम का अलर्ट अगले दो दिन के लिए जारी है.
आपको बता दे उत्तराखंड में लगातार बारिश जारी है. वहीं अगले दो दिन भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने दे दिया है. लेकिन कहीं ना कहीं अभी तक मानसून को लेकर तैयारी का दावा कर रही सरकार पर विपक्षी दलों ने कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं. इसकी वजह 16 दिन में ही 16 करोड़ का टूटा यह पुल इसका गवाह है.पुल के दोबारा क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. लोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जिम्मेदार एजेंसियों पर सवाल उठा रहे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और पुल की स्थिति का निरीक्षण शुरू कर दिया. फिलहाल एहतियातन पुल पर आवाजाही रोक दी गई है.लेकिन सवाल यह है. इस बारिश के मौसम में जनता का पैसा पानी की तरह बह जाना कई सावल विकास के कामो और दावों को लेकर आम जनता के बीच जरूर खड़ा करता है.