भारतीय सेना में बस्तर रेजिमेंट की मांग ने पकड़ा जोर, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लिखा पत्र

Knews Desk- छत्तीसगढ़ में लंबे समय से उठ रही बस्तर रेजिमेंट की मांग एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर भारतीय सेना में बस्तर रेजिमेंट के गठन की मांग की है। इस पहल के बाद बस्तर संभाग के युवाओं और स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगी है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यदि यह मांग पूरी होती है तो बस्तर के हजारों युवाओं को भारतीय सेना में अपनी प्रतिभा दिखाने और देश सेवा का बेहतर अवसर मिलेगा।

विजय शर्मा ने अपने पत्र में बस्तर क्षेत्र के युवाओं की क्षमता, अनुशासन और साहस का उल्लेख करते हुए कहा है कि यहां के युवा कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी काम करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं में देश सेवा का जज्बा हमेशा से रहा है और बड़ी संख्या में युवा हर साल सेना में भर्ती होने की तैयारी करते हैं। ऐसे में बस्तर रेजिमेंट का गठन न केवल युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा, बल्कि क्षेत्र की पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती देगा।

बस्तर के कई जिलों में रहने वाले युवाओं ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि सेना में अलग रेजिमेंट बनने से क्षेत्र के युवाओं को अधिक प्रेरणा मिलेगी और वे पहले से ज्यादा संख्या में सेना में शामिल होने के लिए आगे आएंगे। युवाओं का मानना है कि बस्तर के लोग कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में रहने के कारण शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होते हैं, जो सेना की जरूरतों के अनुरूप है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बस्तर रेजिमेंट केवल रोजगार का माध्यम नहीं होगी, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के सम्मान, गौरव और देशभक्ति का प्रतीक भी बनेगी। उनका मानना है कि इससे बस्तर की सकारात्मक छवि देशभर में मजबूत होगी। वर्षों से नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले बस्तर को नई पहचान मिलने में भी यह कदम महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

बस्तर के युवाओं ने केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। उनका कहना है कि अलग रेजिमेंट बनने से क्षेत्र के युवाओं को राष्ट्र सेवा का सुनहरा अवसर मिलेगा और उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। स्थानीय युवा बाबू झा, प्रशांत ठाकुर और पार्षद संजय नंदी सहित कई लोगों ने इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यह फैसला बस्तर के विकास और युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

हालांकि, भारतीय सेना में किसी नई रेजिमेंट का गठन केंद्र सरकार और रक्षा मंत्रालय के स्तर पर विस्तृत सैन्य आवश्यकताओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और रणनीतिक मूल्यांकन के आधार पर किया जाता है। ऐसे में अब सभी की नजर रक्षा मंत्रालय के फैसले पर टिकी है। यदि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर सकारात्मक पहल करती है, तो बस्तर के युवाओं की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जाएगा। वहीं, क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि यह पहल बस्तर के युवाओं को देश सेवा का नया मंच देने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के सम्मान और पहचान को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।