KNEWS DESK- लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने जेन-ज़ी (Gen Z) की लोकप्रिय भाषा का इस्तेमाल करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने परीक्षा प्रणाली को “क्लॉक्ड इट (Clocked It)”, यानी पूरी तरह सही दिशा में सुधारने का काम किया है। बांसुरी ने कहा कि यह विधेयक सिर्फ एक कानूनी बदलाव नहीं, बल्कि समय की जरूरत है और यह सरकार की जवाबदेही व छात्रों के भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल छात्रों का नहीं, बल्कि उनके परिवारों का भी नुकसान करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही पेपर लीक को “बड़ा अपराध” बता चुके हैं और यह विधेयक उसी सोच को कानून का रूप देता है। बांसुरी स्वराज ने बताया कि संशोधन में हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रावधान किया गया है। जांच एजेंसियों को दो महीने के भीतर जांच पूरी करनी होगी, जबकि अदालतों को तीन महीने के अंदर फैसला सुनाना होगा। साथ ही, मामलों की पैरवी के लिए विशेष लोक अभियोजकों (Special Public Prosecutors) की नियुक्ति का भी प्रावधान रखा गया है।
वहीं, बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की समस्या की जड़ देश की शिक्षा व्यवस्था में है। उन्होंने कहा कि छात्र आठवीं कक्षा से ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर देते हैं और वर्षों तक केवल रट्टा लगाने की संस्कृति का हिस्सा बने रहते हैं। उनका कहना था कि तीन घंटे की एक परीक्षा से पूरे भविष्य का फैसला होना छात्रों पर अत्यधिक मानसिक दबाव डालता है।
तेजस्वी सूर्या ने कहा कि नई शिक्षा नीति इसी व्यवस्था को बदलने, रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने और बहुविषयक शिक्षा प्रणाली लागू करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के युवा राजनीति नहीं, बल्कि पारदर्शी और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि नीट पेपर लीक मामले में सरकार ने सीबीआई जांच, गिरफ्तारियों और समय पर परीक्षा परिणाम घोषित कर कार्रवाई की। सूर्या ने कहा कि एंटी पेपर लीक विधेयक परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा विपक्ष से भी इस पर रचनात्मक सहयोग की अपील की।