शिरोमणि अकाली दल (SAD) से निष्कासित किए जाने के कुछ ही दिनों बाद खडूर साहिब के पूर्व विधायक रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ब्रह्मपुरा और उनके समर्थकों का पार्टी में स्वागत किया।
Knews Desk- आम आदमी पार्टी को माझा क्षेत्र में उस समय राजनीतिक बढ़त मिली, जब पूर्व सांसद स्वर्गीय रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा के बेटे और खडूर साहिब के पूर्व विधायक रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा ने अपने समर्थकों के साथ AAP की सदस्यता ग्रहण की। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें और उनके साथ आए नेताओं को औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल कराया। इस दौरान सीएम मान ने कहा कि समाज और पंजाब के हित में सकारात्मक सोच रखने वाले लोगों का आम आदमी पार्टी में हमेशा स्वागत है।
भगवंत मान ने कहा कि रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा और उनके साथियों के पार्टी में आने से माझा क्षेत्र के साथ-साथ पूरे पंजाब में आम आदमी पार्टी और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर पंजाब के विकास और इसे ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए काम करेंगे।
रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा के साथ AAP में शामिल होने वालों में कंवरदीप सिंह ब्रह्मपुरा, अमरीक सिंह सरपंच, हरजिंदर सिंह बादशाह, बलबीर सिंह बल्ली (डायरेक्टर), जतिंदर सिंह कैरों, फतेह, ब्लॉक समिति सदस्य परमिंदर सिंह कैरों, गुरभेज सिंह कैरों, लवप्रीत सिंह कैरों, बलजिंदर सिंह गोहलवार, गौरवदीप सिंह खैरा, जगमीत हुंदल और गुरप्रीत सिंह शामिल हैं। नए नेताओं ने पार्टी नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि वे AAP की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने और पंजाब के विकास के लिए लगातार काम करेंगे।
रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 15 सितंबर को खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र में कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में निष्कासित किया था। सुखबीर बादल के मुताबिक, खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से लिखित शिकायतें मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई थी। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि 13 सितंबर को गोइंदवाल साहिब में आयोजित पंजाब बचाओ रैली के दौरान पूर्व विधायक ने पार्टी के खिलाफ कथित तौर पर साजिश रची थी।
इससे पहले अप्रैल में सुखबीर सिंह बादल ने खडूर साहिब के हल्का प्रभारी पद से रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा को हटाकर उनकी जगह तरन तारन जिले के शेरोन गांव के सरपंच अवतार सिंह बिल्ला की पत्नी रमनदीप कौर को जिम्मेदारी दी थी। बताया गया कि ब्रह्मपुरा इस फैसले से नाराज थे। इसी वजह से उन्होंने 13 सितंबर को आयोजित पार्टी के कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया था।